देवी को प्रसन्न करने के लिए युवक ने दी खुद की बलि

बाराबंकी (उत्तम हिन्दू न्यूज) : बाराबंकी के दरियाबाद में एक युवक ने अपने आप की बलि चढ़ा दी। हालांकि मामला थोड़ा संदिग्ध-सा है लेकिन प्रथम द्रष्ट्या बलि का ही दिखता है। यद्यिपि हमेशा पूजा-पाठ में मगन रहने वाले छात्र का शव गांव में ही मंदिर के अंदर पाया गया। युवक का गला पीछे से कटा हुआ था और मंदिर परिसर में चारों और खून ही खून बिखरा हुआ था। ग्रामीणों एवं पुलिस का अनुमान है कि युवक ने मंदिर के अंदर ही खुद की बलि चढ़ा दी। इकलौते पुत्र की मौत के बाद माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजन युवक का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। इसको लेकर रहस्य और गहरा गया है। इधर एएसपी समेत कई अधिकारी गांव में परिजनों से बातचीत करने में जुटे हुए हैं। मामला दरियाबाद थाना क्षेत्र के ऊटवा गांव का है। 

ऊटवा गांव मे जन्माष्टमी का कार्यक्रम चल रह‍ा था। सोमवार को भोर मे करीब तीन बजे गांव के बच्चे कार्यक्रम देख लौट रहे थे रास्ते मे पडऩे वाले छोटे से दुगाज़् मन्दिर के अन्दर आवाज सुनकर बच्चे रुके अन्दर का नजारा देख सभी हैरान हो गए कोई मन्दिर के अन्दर तडफ़ रहा था। जिस पर डरकर बच्चे चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर ग्रामीण एकत्र हुए। ग्रामीणों ने मन्दिर का गेट खोलकर युवक को निकाला लेकिन तब तक वह मर चुका था। ग्रामीणों ने टार्च की रोशनी मे युवक को देखा तो सभी के मुह से निकला कि अरे यह तो अनिरुद्ध है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुँचे अनिरुद्ध के पिता स्वामी नाथ यादव व उसकी मा बदहवाश हो गई। 

घटना के बाद परिजनों ने शव की अन्त्येष्टि की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच सूचना पाकर पुलिस पहुंची और शव का पोस्टमाटज़्म कराने को कहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस प्रकार मन्दिर के अन्दर गडासा मिला और युवक का गला पीछे से कटा है उसे देखकर घटना सन्देहास्पद भी लग रही है। खुद की बलि चढ़ाने की भी सम्भावना है। ग्रामीणों के अनुसार जेबीएस कालेज दुल्हदेपुर मे बीए की पढ़ाई करने वाला अनिरुद्ध हमेशा पूजा पाठ करता रहता था। हाल ही मे उसने बिना अन्न खाए एक वर्ष से कर रहे व्रत का परायण कर भण्डारे का आयोजन किया था। जिस मन्दिर मे उसने खुद की बलि दी उसमे घन्टो बैठकर पूजा करता रहता था।
 

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