दिल्ली बॉर्डर से लौटे युवा किसान ने बरनाला में फांसी लगा जान दी, अन्नदाताओं के भविष्य को लेकर था चिंतित

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब में बरनाला जिले के गांव जैमल सिंह वाला में गुरुवार देर शाम 25 वर्षीय किसान सतवंत सिंह ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सतवंत गुरुवार को ही दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने से लौटा था। वहीं, शनिवार को भाकियू सिद्धूपुर संगठन के सदस्यों ने सिविल अस्पताल की मोर्चरी के समक्ष धरना लगाकर किसान के शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया।

उन्होंने परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, कर्ज माफ करने और मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

गुरचरण सिंह के अनुसार, उसका बेटा सतवंत सिंह लगातार दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में जा रहा था। वह किसानों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित था। उसकी मंगनी हो चुकी थी। उसने कहा था कि जब तक किसान विजयी होकर नहीं लौटते, तब तक वह शादी नहीं करेगा। 

वह गुरुवार देर शाम को दिल्ली बार्डर से लौटा और काफी उदास था। उसने घर के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, भाकियू सिद्धपूर के जिला प्रधान जसपाल सिंह कलाल माजरा ने कहा कि जब से केंद्र सरकार ने नए कृषि कानून बनाए हैं, तब से बरनाला के करीब 24 किसान जान गंवा चुके हैं।