आप हंसते-मुस्कुराते हुए काफी कुछ कह सकते हैं : श्रेयस तलपड़े

मुंबई, (उत्तम हिन्दू न्यूज): अभिनेता-निर्माता श्रेयस तलपड़े का मानना है कि एक इंसान हंसी-मजाक व कॉमेडी के माध्यम से काफी कुछ बयां कर सकता है और कुछ ऐसा ही वह अपनी परियोजनाओं संग करने की ख्वाहिश रखते हैं। श्रेयस टेलीविजन पर प्रसारित हुए नाटक 'टाइपकास्ट' में काम कर चुके हैं, जिसमें उनके मुताबिक एक सशक्त सामाजिक संदेश है।

उन्होंने कहा, "मुझे व्यक्तिगत तौर पर टेली प्ले का यह प्रारूप बेहद पसंद आया और इसी के चलते मैंने टाइपकास्ट को करने के लिए हांमी भरी। मेरे ख्याल से टेली प्ले एक बेहतरीन एक्सपेरीमेंट है, जिसमें हम कहावती चौथी दीवार से छुटकारा पाते हैं। यह लगभग किसी बंद स्टूडियो में फिल्म की शूटिंग करने जैसा रहा। यह चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन मुझे लगता है कि इन प्रारूपों पर और भी अधिक काम किया जाना चाहिए।"

'टाइपकास्ट' मराठी नाटक 'पाहिजे जातीचे' का रूपांतरण है, जो सत्तर के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह जाति व्यवस्था के मुद्दे पर प्रकाश डालती है। शो में दिखाया गया है कि वर्तमान भारत में भी किस तरह से इसकी कहानी प्रासंगिक है।

श्रेयस ने इसमें माहिपत बब्रूवाहन के किरदार को निभाया है, जो मास्टर डिग्री हासिल करने वाला अपनी जाति व गांव से पहला शख्स है। वह किसी एक विशेष कॉलेज में प्रोफेसर बनना चाहता है और इस नाटक में दिखाया गया है कि अपने सपने को सच करने के लिए उसे क्या कुछ करना पड़ता है।