योगी के मंत्रिमण्डल विस्तार में दिखी उपचुनाव और मिशन 2022 के तैयारी की झलक

लखनऊ, (उत्तम हिन्दू न्यूज): योगी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में उपचुनाव और 2022 विधानसभा को देखते हुए क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को भी साधने की पूरी कोशिश की गई है। सरकार ने मंत्रिमंडलीय विस्तार में मुख्यमंत्री ने युवाओं और नये लोगों को मंत्रिमण्डल में शामिल करके सत्ता पर काबिज रहने की तैयारी की झलक दिखाई है। योगी ने पहले विस्तार में लगभग हर क्षेत्रों के हर तबके तक पहुंच बनाने का प्रयास किया है। प्रदेश के लगभग सभी इलाकों से प्रतिनिधियों को कैबिनेट में शामिल किया है।

इस दौरान 11 विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया है। इनमें अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, गिर्राज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रामशंकर सिंह पटेल, अजित सिंह पाल और विजय कश्यप हैं। पश्चिम उप्र के मुजफ्फरनगर से कपिलदेव अग्रवाल और चरथावल से विधायक विजय कश्यप, बुलंदशहर से अनिल शर्मा, आगरा कैंट से जीएस धर्मेश और फतेहपुर सीकरी से चौधरी उदयभान सिंह, मैनपुरी से रामनरेश अग्निहोत्री को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। 

इसी तरह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह की कर्मस्थली बुंदेलखण्ड से चित्रकूट विधायक चंद्रिका प्रसाद को भी मंत्री बनाकर वहां से सूखा समाप्त करने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा कानपुर से नीलिमा कटियार व कमल रानी वरुण को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। बस्ती मंडल से सतीश द्विवेदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से रवीन्द्र जायसवाल को मंत्री बनाया है।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से योगी सरकार में तीन मंत्री हो गए हैं। इसमें शहर उत्तरी से दो बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रवींद्र जायसवाल राज्यमंत्री बने तो यहीं से राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे अनिल राजभर का प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वाराणसी के शहर दक्षिणी से विधायक और न्याय, युवा कल्याण, खेल एवं सूचना राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ दिलाई गई है। 

पहले कैबिनेट विस्तार में 18 नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि पांच को प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसमें चार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि एक राज्यमंत्री को प्रमोट कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। योगी के 23 मंत्रियों में से छह ब्राह्मण, दो क्षत्रिय, दो जाट, एक गुर्जर, तीन दलित, दो कुर्मी, एक राजभर, एक पाल, तीन वैश्य, एक शाक्य और एक मल्लाह हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने पहले ही एक व्यक्ति-एक पद के सिद्घांत के चलते परिवहन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। मंगलवार देर रात पांचों मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए। सांसद चुने जाने के बाद सत्यदेव पचौरी, प्रो़ एस.पी. सिंह बघेल और प्रो़ रीता बहुगुणा जोशी के इस्तीफा देने और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने से चार कैबिनेट मंत्री के पद पहले से ही खाली चल रहे थे।