प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख इंडियन आयल के ड्राइवर, हेल्पर बोले-किसानों की तरह हम भी आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाएँगे

08:02 PM Jun 01, 2020 |

जालंधर (सौरभ खन्ना)-इंडियन आयल द्वारा पंजाब के जालंधर,बठिंडा एवं संगरूर टर्मिनल से पंजाब,हिमाचल,जम्मू कश्मीर एवं राजस्थान के कुछ इलाक़ों के साथ सेना एवं एयरपोर्ट को आने वाले दिनो मे पेट्रोल डीज़ल की सप्लाई में मुशकिल का सामना करना पड़ सकता है। इसका खुलासा जालंधर टर्मिनल के ड्राइवरों, हेल्परों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडियन आयल द्वारा पंजाब के जालंधर,संगरूर एवं बठिंडा टर्मिनल पर निकाले गये नए पट्रोल,डीज़ल ट्रांसपोर्ट टेंडरों के नियमों से क़रीब 1500 ड्राइवरों, हेल्परों करोना वॉरियर बेरोज़गार एवं उनके परिवारों के क़रीब दस हज़ार व्यक्तियों से होने जा रहे अन्याय को रोकने हेतु पत्र लिखे पत्र को जारी करके किया है।

 

ड्राइवर प्रताप सिंह,रजिंदर कुमार ने बताया 1500 के करीब ड्राइवर,हेल्पर जो इंडियन ऑयल कारपोरेशन के जालंधर,भटिंडा एवं संगरूर टर्मिनल मे पिछले कई सालो से कार्य कर रहे है और कोविड-19 मे हम सब गरीब मज़दूर लोग दिन रात अपनी जान की प्रवाह किए बिना देशहित मे बिना किसी प्रकार का लाभ लिए बिना कार्य करते रहे है।परंतु अब नए टेंडर की पालिसी की वजह से बहुत बड़ी संख्या मे हम लोग बेरोज़गार हो जाएगे और किसानों की तरह हम सब भी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।क्योंकि अभी तक हमारे यहां छोटे टेंकर चलते थे तो सब को काम मिल जाता था लेकिन अब यहां छोटे टेंकर की जगह बड़े ट्रोले डालने का प्रस्ताव इंडियन आयल लाया है। जिसके बाद केवल जालंधर टर्मिनल में अब ट्रांसपोटरो 450 टैंकरों की बजाए 127 टैंकर रह जाएँगे। जिसके बाद करीब 323 ड्राइवर, हेल्पर एवं अन्य लोग केवल जालंधर मे बेरोज़गार होगे।सभी ने कहा अगर यह नियम बदलने का कार्य जल्द नही हुआ तों हम सभी मजबूरन अपना रोज़गार एवं परिवार को बचाने के लिए हड़ताल करेंगे अगर पेट्रोल डीज़ल की कमी आती है तो इंडियन आयल ज़िम्मेवार होगी।