Saturday, November 17, 2018 08:32 PM

समलैंगिक संबंध अपराध है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): समलैंगिकता मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाने जा रहा है। आईपीसी की धारा-377 के तहत समलैंगिकता को अपराध माना गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा गया है कि अगर सहमति से समलैंगिक संबंध बनाए गए हैं तो उसे अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाए। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली संवैधानिक बेंच ने 10 जुलाई से मामले की सुनवाई शुरू की थी और 17 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

मामले की सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदू मल्होत्रा शामिल हैं। 
 
इससे पहले जुलाई महीने में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई कानून मौलिक अधिकारों के खिलाफ है तो बहुमत की सरकार के इसे रद्द करने के फैसले तक इंतजार नहीं किया जा सकता है। संवैधानिक बेंच ने कहा था कि वह धारा-377 को पूरी तरह खारिज नहीं करने जा रहे। वह सिर्फ उस प्रावधान को देख रहे हैं, जिसमें दो बालिगों के समलैंगिक संबंध को अपराध माना जाएगा या नहीं।

दरअसल, इस मामले में याचिकाकर्ता मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा था कि एलजीबीटीक्यू (लेस्बियन, गे, बाय सेक्सुअल, ट्रांसजेंडर्स, क्वीर) के मौलिक अधिकार प्रोटेक्ट होने चाहिए. किसी से भी जीवन और स्वच्छंदता का अधिकार नहीं लिया जा सकता।

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