जिन 500 वेंटिलेटरों का ढिंढोरा पीटते रहे मुख्यमंत्री, वह हैं कहां : राजेश धर्माणी

बिलासपुर (अरूण डोगरा रीतू): पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिेंव राजेश धर्माणी ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है कि बिलासपुर जिला से संबन्धित एवं जिला बार संघ के वरिष्ठतम सदस्यों मे से एक तथा नि;स्वार्थ समाज सेवी एडवोकेट राजेन्द्र हांडा की शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज ( आई जी एम सी ) में इसलिए अकाल मृत्यु हो गई क्यूंकि हांडा को वहां वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस बात का उत्तर देना चाहिए कि जिन 500 वेंटिलेटरों का वे ढिंढोरा पीटते रहे हैं , उनको किस -किस जिला में किस- किस अस्पताल में प्रयोग में लाया जा रहा है ।

उन्होने कहा कि यदि राजेन्द्र हांडा जैसी जानी-मानी हस्ती के साथ प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में इस प्रकार का दुव्र्यवहार करके उन्हें मृत्यु के मुंह में धकेला जा सकता है , तो इस बात का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है कि प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों से भेजे जा रहे अन्य कोरोना रोगियों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा होगा । राजेश धर्माणी ने पूछा कि इस अस्पताल में क्या प्रदेश के अस्पतालों से कोरोना मरीजों को इस लिए रेफर किया जा रहा है कि उन्हें वहां एक कमरे में बंद करके मरने के लिए छोड़ दिया जाये ।

उन्होने कहा कि इससे पहले भी शिमला के बड़े -बड़े अस्पतालों में कोरोना से संबन्धित अभागे लोगों की  आवांछित मौतें हुई हैं । राजेन्द्र हांडा की मौत पर भी उनके साथ हर समय रहने वाले उनके सुपुत्र एडवोकेट विपुल हांडा द्वारा लगाए गए  आरोपों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हाईकोर्ट की निगरानी में की जानी चाहिए। राजेश धर्माणी ने ज़ोर देकर कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में कोविड से हुई इस मृत्यु पर न केवल अस्पताल की कार्यपद्धति बल्कि राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग के प्रति लोगों के मन में संदेह पैदा हो गए हैं।