जब पत्नी को पति का साथ नहीं मिल पाता..

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा किसी से भी ज्यादा अच्छे ढंग से बातचीत कर सकती हैं और वह किसी से भी ज्यादा से ज्यादा से बातें साझा कर सकती हैं। जब पति का साथ पत्नी को नहीं मिल पाता तो उन्हें किसी दूसरे से अपने दिल की बातों को शेयर करने की जरूरत महसूस होने लगती है। इससे न केवल उनकी जिंदगी में सहज आवश्यकताओं की पूर्ति होती है, बल्कि उनकी जिंदगी में उत्साह, उमंग और तरंग भी जागती है, जो उनकी रोजाना की वैवाहिक जिंदगी से गायब रहती है।

विवाहित महिलाओं के लिए पहली डेटिंग वेबसाइट 'ग्लीडेन' की मार्केटिंग स्पेशसलिस्ट मिस सोलीन पैलियट कहती हैं, "जब शादी में सेक्स रोजाना का रूटीन बन जाता है तो महिलाओं के लिए उनके जीवन में खुशियां और उत्साह लाने वाला लव अफेयर उन्हें भगवान की ओर से दिया गया वरदान या गिफ्ट मालूम पड़ता है। सिंडी लॉपर का गीत 'गर्ल्स जस्ट वांट टु हैव फन' हमें यह भली-भांति समझा देता है कि असफल शादी से हैरान-परेशान बहुत सी महिलाओं के किसी और से अफेयर होते हैं, क्योंकि उनकी शादी में कोई मजा और मौजमस्ती का मौका बाकी नहीं रहता और उनकी जिंदगी एकदम नीरस और बोझिल हो जाती है।" 

उन्होंने कहा कि अपने बिजी शेड्यूल के कारण पति और पत्नी समानांतर जिंदगी जीते हैं। उनके इस लाइफस्टाइल से दोनों को आपस में बातचीत करने का कोई समय नहीं मिल पाता। यहां तक कि वीकएंड और छुट्टी के दिन भी वह एक दूसरे से कटे-कटे ही रहते हैं। बच्चों के जन्म के बाद कई पत्नियों के प्रति उनके पति का प्यार पहले जैसै नहीं रहता और उन्हें एक बच्चे की मां के रूप में देखने लगते हैं। वह उन्हें अपनी पत्नी या प्रेमिका के रूप में नहीं देखते।

मिस सोलीन ने कहा कि इस स्थिति को झेल रही महिलाओं के मन में अवसाद और निराशा पनपने लगती है। महिलाएं अपने पति से प्यार और आत्मीयता चाहती है और जब यह आत्मीयता महिलाओं को अपनी जिंदगी में नहीं मिलती तो उनके पास शादी से बाहर प्यार की तलाश करने के अलावा और कोई विकल्प बाकी नहीं रहता।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए असफल शादी की स्थिति को झेलने से ज्यादा बुरा कुछ नहीं होता। जिस शादी में आत्मीयता और पति के प्यार और चाहत की कमी होती है, वहां महिलाओं पर इसका शारीरिक और मानसिक दुष्परिणाम काफी होता है। भारत में तलाक के बढ़ते मामले आधुनिक विश्व का लक्षण है। कई बार आधुनिक लाइफस्टाइल से शादी की संस्था का कोई मेलजोल नहीं हो पाता। ऐसे समय में शादी से बाहर प्रेम संबंध बनाने के प्लेटफॉर्म महिलाओं को उनकी ऊबाऊ और असफल शादियों से बचाते हैं। इन प्लेटफॉर्मों का प्रयोग कर महिलाएं अपने जैसे उन पार्टनर को खोज सकती है, जिनकी रुचियां और आदतें उनसे मिलती जुलती हों।