जब मासूम की जान बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गया पिता 

गरियाबंद (उत्तम हिन्दू न्यूज): छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तीन साल की एक मासूम को उसके पिता और दादी ने तेंदुए के चुंगल से छुड़ाकर उसकी जान बचाई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर जंगलों से घिरे गांव भीरालाट में बुधवार देर शाम तीन साल की एक बच्ची रानू घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया और उसे जबड़ों मेें बंद कर जंगल की तरफ ले गया।

बच्ची की दादी सुमित्रा को इसकी भनक जैसे ही लगी, उन्होंने अपने बेटे सोमनाथ कुमार को बताया। बच्ची के पिता ने आनन-फानन में डंडा लेकर तेंदुए के पीछे दौड़ लगाई। करीब आधा किलोमीटर दूर उन्हें तेंदुए के मुंह में बच्ची दिखाई दी। बच्ची को देखते ही पिता ने उसके पैर पकड़ लिए और दादी ने उसे छुड़ाने की कोशिश की। एक-दो मिनट के संघर्ष के बाद तेंदुआ बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। 

तेंदुए के हमले से बच्ची के चेहरे और पैर में चोट आई हैं। उसे रात में ही जिला अस्पताल लाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर रेफर किया गया है। क्षेत्र में पिछले एक महीने से तेंदुए का आतंक जारी है। इसके पहले भी तेंदुआ दो लोगों पर हमला बोल चुका है।

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