नीयत नेक और इरादे मजबूत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यही आरोप पिछले कुछ समय से लगाते चले आ रहे थे कि मोदी सरकार जन साधारण के हित को नहीं बल्कि देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हित साध रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राहुल गांधी व अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को जबाव देते हुए लखनऊ में कहा कि अगर इंसान की नीयत नेक और इरादे मजबूत हों तो किसी के साथ खड़े होने में दाग नहीं लगता। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार कि देश के विकास में उद्योगपति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, उनसे मधुर संबंध रखने में उन्हें व सरकार को कोई गुरेज नहीं है।
गौरतलब है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और देश की 65 प्रतिशत आबादी इसी से जुड़ी है, लेकिन देश के विकास में उद्योगों ने एक विशेष भूमिका निभाई है, जिसको आज कोई भी नजर अंदाज नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने लखनऊ में 60 हजार करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश का शिलान्यास करने के बाद समारोह में बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारें उद्योगपतियों के साथ पर्दे के पीछे के संबंध रखती थीं, जबकि सार्वजनिक रूप से उनसे मिलने से कतराती थीं। इसके विपरीत उन्हें उद्योगपतियों से सार्वजनिक तौर से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। जब नीयत साफ हो और इरादे मज़बूत हों तो मेलजोल से डरने की कोई जरूरत नहीं होती। उन्होने कहा ‘जो आरोप लगाते हैं, उनकी मंशा साफ नहीं होती है और वे पर्दे के पीछे मुलाकात करते हैं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि देश का कोई उद्योगपति ऐसा नहीं होगा, जिसने पिछले हुक्मरानों के दरबार में दंडवत न की हो। यहां पर विराजमान अमर सिंह से बेहतर यह कौन जान सकता है। जिसकी नीयत साफ है उसको किसी के साथ तस्वीर खिंचाने में कोई डर नहीं होता। महात्मा गांधी को बिरलाजी के साथ खड़े होने में कभी संकोच नहीं हुआ। वे उनके घर जाकर रुकते थे।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में उद्योगपतियों की अहम भूमिका होती है। उन्हें चोर-लुटेरा कहना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है, लेकिन जो गलत काम करेगा, उसे देश छोडऩा पड़ेगा या फिर जेल जाना होगा। कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर निशाना साधते हुये प्रधानमंत्री ने कहा ‘जो लोग मेरे खिलाफ मामले ढूंढ रहे हैं उनके खिलाफ सबसे ज्यादा मामले निकलेंगे, क्योंकि मेरे खाते में केवल 4 साल हैं और वे सत्ता में 70 साल रहे हैं। जो कोयला कभी कालिख के लिए मशहूर हुआ था उसका उत्पादन अब रिकॉर्ड स्तर पर है।
भावी लोकसभा चुनावों को सम्मुख रख आज विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। मोदी सरकार तथा विशेषतया प्रधानमंत्री मोदी की साख व छवि को कम•ाोर करने के लिए कभी अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर और कभी सूट-बूट वाली सरकार कहकर या किसान व गरीबी विरोधी सरकार का आरोप लगाते हैं।
जमीनी सत्य यह है कि मोदी सरकार ने जितनी भी योजनाएं पिछले चार वर्षों में शुरू की वह सभी देश के सभी नागरिकों के लिए थी। किसी धर्म, जाति या संप्रदाय विशेष के लिए नहीं थी, उदाहरणतया किसानों के लिए। • किसानों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण। • न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी। • मृदा स्वास्थ्य कार्ड। • कम दर वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना। • ई-नाम के जरिए उपज का सही मूल्य। • राष्ट्रीय गोकुल मिशन से दुग्ध उत्पादन। • हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना। • मुद्रा योजना और स्टैंड अप इंडिया महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन। • बालिकाओं के प्रति अपराध के मामलों में कानून में कड़े प्रावधान। • महिलाओं को धुआं रहित जीवन दिलाने के लिए उज्जवला योजना। • महिलाओं का सामाजिक सशक्तिकरण। • तीन तलाक।  • स्टार्ट अप इंडिया के जरिये युवा शक्ति को बढ़ावा। • कौशल विकास योजना। • अनुसंधान और उत्कृष्ठता के लिए अटल नवोन्मष मिशन। • खेलों और खेलों की भावना को आगे बढ़ाना। • खेलो इंडिया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से गर्भवती माताओं के लिए सहायता। • मां और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान। • पोषण अभियान-सही पोषण के लिए। • शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण।
उपरोक्त योजनाओं के अतिरिक्त मोदी सरकार ने गरीब, मजदूर, किसान के उत्थान के साथ युवा शक्ति के भविष्य को मुख्य रखकर एक नहीं अनेक योजनाएं बनाई हैं। इसमें किसी का भी आधार धर्म से नहीं है। इसी तरह देश में विदेशी निवेश और उद्योगों को मजबूत आधार देने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। विपक्ष उपरोक्त सभी कार्यों को न•ारअंदाज कर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अवश्य कर रही है। लेकिन कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उनके सहयोगी मंत्रियों को घेरने में असफल रहे हैं, क्योंकि मोदी सरकार की नियत नेक और इरादे मजबूत हैं।
 


-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।