संतकबीरनगर में चार पुलिस कर्मियों के विरुद्ध वारंट जारी

संतकबीरनगर (उत्तम हिन्दू न्यूज) : उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) ने अनुसूचित जाति के राजनीतिक कार्यकर्ताओं को धारा 151 में चालान करने के मामले में दाखिल परिवाद का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के पेश होने के आदेश पर उपस्थित न होने पर तत्कालीन पुलिस निरीक्षक समेत चार के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।
बहुजन क्रांति मोर्चा के जिला संयोजक उदयराज विद्यार्थी ने गत वर्ष 23 जनवरी को अपने संगठन द्वारा आयोजित एनआरसी/सीएए/एनआरपी विरोधी तिरंगा मार्च की अनुमति के लिए उप जिलाधिकारी खलीलाबाद को 20 जनवरी 2020 को प्रार्थना पत्र दिया था। उप जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष से आख्या तलब की थी।
प्रार्थना पत्र पर थानाध्यक्ष की आख्या के लिए वह अपने दो अन्य साथियों के साथ 21 जनवरी को थाना प्रभारी दुधारा के पास गए थे। थाना प्रभारी ने प्रार्थना पत्र देखकर उनकी जाति पूछी और जाति बताने पर जातिसूचक गालियां दी तथा उन्हें व उनके दो साथियों आनंद कुमार गौतम तथा हरीराम दास को मारपीट कर लाकअप में बंद कर दिया था। साथ ही दं.प्र.सं. की धारा 151 में चालान कर दिया।
24 जनवरी 2020 को जिला कारागार बस्ती से छूटने के बाद उन्होंने डीएम, एसपी व डीआईजी बस्ती रेंज को रजिस्ट्री पत्र भेज कर कार्रवाई का आग्रह किया लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अंत में उन्होंने विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) के न्यायालय में परिवाद दायर किया। परिवाद की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने चारों पुलिस कर्मियों दुधारा थाना प्रभारीनिरीक्षक गौरव सिंह, एसआई चंद्रभान तिवारी, कांस्टेबल कामेश्वर सिंह व कामेश्वर यादव को प्रथमदृष्टया आरोपी मानते हुए विचारण के लिए नौ फरवरी 2021 को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया लेकिन इनके अदालत में पेश नहीं होने पर जमानती वारंट जारी कर नौ मार्च को पेश करने का आदेश दिया है।