विवेकानंद की प्रेरणा से नया भारत बनाना है : मोदी

नयी दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा से नये भारत के निर्माण का आह्वान करते हुये कहा है कि स्वामी जी ने आज से सवा सौ साल पहले अमेरिका में भारत की संस्कृति, सभ्यता और प्राचीन परंपरा का परचम पूरी दुनिया में लहराया था तथा आज हम उनके बताये रास्तों पर चलते हुये देश के लोगों में वह आत्मविश्वास और गौरव भरने का फिर से प्रयास कर रहे हैं। 
स्वामी विवेकानंद के शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में दिये ऐतिहासिक भाषण के 125वीं जयंती समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए मोदी ने यह बात कही। समारोह का आयोजन कोयम्बटूर के रामकृष्ण मठ ने किया था। 

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जब शिकागो में अपना भाषण दिया था उस समय सभागार में चार हजार लोग मौजूद थे। उन्होंने भारत के वैदिक दर्शन के बारे में दुनिया को बताया था। यह समारोह इस बात का प्रतीक है कि स्वामी जी के उस भाषण का कितना असर हुआ था और उस भाषण ने भारत के प्रति पश्चिम के दृष्टिकोण को न केवल बदला था बल्कि भारतीय दर्शन और विचार परंपरा को भी दुनिया में एक उचित स्थान मिला था। 

मोदी ने कहा कि आज भारत स्वामी विवेकानंद के उस दृष्टिकोण को अपनाकर पूर्ण आत्मविश्वास के साथ प्रगति कर रहा है और 125वीं जयंती समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित संतों के सात्विक गुणों तथा युवकों के उत्साह और ऊर्जा का मिलन भारत की वास्तविक ताकत को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें पता चला है कि समारोह के साथ ही स्वामी विवेकानंद के संदेशों के प्रसार के लिए स्कूलों और कॉलेजों में कई तरह की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है।

युवा पीढ़ी केवल विचार-विमर्श ही नहीं करेगी बल्कि वह भारत के सामने उपस्थित चुनौतियों का हल निकालने का भी प्रयास करेगी। विवेकानंद ने भी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दर्शन का प्रतिपादन किया था और भारतीय संस्कृति, दर्शन तथा प्राचीन परंपराओं का प्रकाश पूरी दुनिया में फैलाया था। उन्होंने देशवासियों में आत्मविश्वास की भावना जगायी थी और राष्ट्रप्रेम तथा खुद पर विश्वास करने का मंत्र भी दिया था। 

Related Stories: