शीला दीक्षित को बस में विनोद ने किया था प्रपोज, ऐसे आए थे दोनों करीब

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 81 साल की थीं। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह सीने में जकडऩ की शिकायत के बाद एस्काट्र्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 15 वर्ष तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। उनका जन्म कपूरथला में हुआ और दिल्ली की सीएम रहीं जबकि वह उत्तर प्रदेश की बहू थीं। 

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शीला दीक्षित के पढ़ाई के दिनों और शादी की बात करें तो मीडिया रिपोट्र्स से जानकारी मिलती है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राचीन इतिहास की पढ़ाई करने के दौरान शीला की मुलाकात विनोद दीक्षित से हुई जो उस समय कांग्रेस के बड़े नेता उमाशंकर दीक्षित के इकलौते बेटे थे। 
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एक इंटरव्यू में शीला दीक्षित ने बताया था कि, हम इतिहास की एमए क्लास में साथ साथ थे, मुझे वो कुछ ज्यादा अच्छे नहीं लगे, मुझे लगा ये पता नहीं वो अपने-आप को क्या समझते हैं, थोड़ा अक्खड़पन था उनके स्वभाव में। कॉमन दोस्तों की गलतफ़हमी दूर करने के चक्कर में दोनों करीब आए। विनोद अक्सर शीला के साथ बस पर बैठ कर फिऱोज़शाह रोड जाया करते थे, ताकि वो उनके साथ अधिक से अधिक समय बिता सकें। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक विनोद और शीला के बीच शादी की बात भी बस में हुई थी। शादी के बाद पूरी तरह से राजनीति में उतरीं शीला दीक्षित ने राजनिति के गुर अपने ससुर उमाशंकर दीक्षित से सीखे, जो कानपुर कांग्रेस में सचिव थे। इंदिरा राज में उमाशंकर दीक्षित देश के गृहमंत्री थे, वहीं अपने ससुर के साथ शीला दीक्षित भी राजनीति में सक्रिय हो गईं।