आंगनबाड़ी बच्चों के लिए कीड़ेयुक्त गेहूं पिसवाने पर ग्रामीणों ने जताया रोष

आटा चक्की मालिक ने भी गेंहू पीसने से किया मना 

बराड़ा/राजेन्द्र भारद्वाज : गांव कंबासी में आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए कीड़ेयुक्त गेंहू पिसवाया जा रहा था जिसकी सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने आटा चक्की पर पहुंच कर उसे रूकवाया। अगर इस गेहूं के आटे से बच्चों के लिए खाना बनाया जाता तो बच्चे बीमार जरूर हो जाते। गांव की आंगनबाड़ी से जब आटा पीसने के लिए गेहूं गांव की आटा चक्की पर पहुंचा तो ग्रामीणों ने रोष जताया। सूचना पाकर अन्य कई ग्रामीण भी आटा चक्की पर पहुंच गए और पीसने आए गेहूं को देखा तो पाया कि गेूहं की बोरी में सुरसुरी चल रही थी और गेहुं आटा पीसने व खाने लायक नहीं थी। जिस पर आटा चक्की के मालिक ने भी ऐसी गेहूं पीसने को मना कर दिया।

आटा चक्की मालिक पुरूषोतम दास ने बताया कि लगभग 11 बजे एक लडक़ा बोरी में गेूंह पीसवाने को लेकर आया और कहा कि यह आंगनबाड़ी की गेूहं है इसे पीस दो। आटा चक्की के मालिक ने बोरी में पड़े गेहुं को तोलकर साईड में रख दिया लेकिन जब उसने उक्त बोरी का मूंह खोला तो देखा कि उस अनाज में कीड़े-सुरसरी आदि पड़े थे। जिस कारण गूेहं भी खराब थी। इसी दौरान आटा चक्की पर कुछ ग्रामीण भी खड़े थे। ग्रामीणों कीकर सिंह, इंन्द्र सिंह, विक्रम, कुलदीप आदि ने भी पाया कि अनाज पीसने लायक नहीं था क्योंकि इसमें सुरसुरी लगी थी और अनाज में मिट्टी भी थी। ऐसे में आटा चक्की मालिक व ग्रामीणों ने गांव की सरपंच को सूचना दी। 

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