मौत के खेल को मोबाइल पर LIVE देख रही थी विकास दुबे की पत्नी!

05:17 PM Jul 07, 2020 |

लखनऊ (उत्तम हिन्दू न्यूज)- उत्तर प्रदेश में कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में क्षेत्राधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के लिये पुलिस ने प्रदेश के कई जिलों में टालप्लाजा समेत बाजारों और अदालतों के बाहर उसके पोस्टर चस्पा किए हैं। कानपुर के विकरू गांव आठ पुलिसकर्मियों की जान लेने के आरोपी विकास दुबे को पुलिस तलाश कर रही है। साथ ही आने-जाने वाले हर वाहन पर नजर रखी जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश की सीमाओं के साथ कई जिलों में भी पोस्टर चस्पा किये गए है। भारत नेपाल सीमा पर भी पुलिस चेक पोस्ट पर विकास की तस्वीरें चस्पा की गई हैं। विकास को पहचानने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए उसकी कई फोटो भी व्हाट्सएप किए गए हैं। आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद फरार विकास दुबे का चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नही मिला है। कानपुर, उन्नाव, इटावा, औरैया, फिरोजाबाद, मथुरा लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, लखनऊ, मध्यप्रदेश सीतावर्ती जिलों, नेपाल बार्डर, उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों में हत्यारोपी की पहचान के लिये पोस्टर चस्पा किये गये है। इस बीच अदालतों के बाहर पोस्टर चस्पा किये गये है। अदालतों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किये गये है।


पुलिस की जांच में एक नई जानकारी यह सामने आई है कि विकास दुबे ने अपनी पत्नी को घटना से पहले बता रखा था कि वो घटना की रात मोबाइल पर देखती रहे कि गांव में क्या चल रहा है। जांच में पता चला है कि बिकरू गांव में विकास दुबे के मकान में करीब आठ सीसीटीवी कैमरे लगे थे। इन कैमरों का एक्सेस विकास दुबे और उसकी पत्नी रिचा दुबे के मोबाइल पर भी था। सूत्र बताते हैं कि विकास ने पत्नी को घटना से पहले बता रखा था कि वो घटना की रात मोबाइल पर देखती रहे कि गांव में क्या चल रहा है। विकास को खतरा था कि उसके घर पर छापेमारी करने वाली पुलिस उसका एनकाउंटर भी कर सकती है, लिहाजा उसको अगर कोई खतरा लगे तो वो अपने लोगों और कुछ एक आला अधिकारियों, नेताओं को सूचना दे दे। इसके बाद उसे अगर ज्यादा खतरा दिखे तो वो खुद भी भाग जाए।

विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कानपुर समेत कानपुर देहात पुलिस भी अलर्ट है। घटना के बाद बिकरू गांव में सन्नाटा छाया है। कानपुर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी शक के दायरे में हैं। इस बीच आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने थाना चौबेपुर की घटना के मामले में जय वाजपेयी तथा पूर्व एसएसपी कानपुर नगर अनंत देव के बीच सामने आई निकटता की जाँच की मांग की है। पुलिस महानिदेशक एच0 सी0 अवस्थी को भेजे अपने पत्र में श्री अमिताभ ने कहा है कि जय वाजपेयी, विकास दूबे का अत्यंत निकट बताया जा रहा है और पूर्व एसएसपी अनंत देव का भी। इन दोनों की निकटता वाली कई तस्वीरें सामने आई हैं। जिसमें एक फोटो में अनंत देव के ट्रान्सफर से संबंधित कुछ टिप्पणी है।
उन्होंने कहा कि जय बाजपेई पर विकास दूबे के बल पर जमीनों की खरीद फरोख्त करने तथा बहुत कम समय में बहुत अधिक संपत्ति हासिल करने का आरोप लग रहा है। कहा जा रहा है कि कई केस में वांछित होने के बाद भी पुलिस ने उसके पासपोर्ट में सही रिपोर्ट लगा दिया।


अमिताभ ने कहा कि इस संदिग्ध चरित्र के व्यक्ति के विकास दूबे एवं अनंत देव से एक साथ संबंध की बात अत्यंत विस्फोटक एवं खतरनाक है, जो नेता-अपराधी-पुलिस सांठ-गाँठ की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने इन तथ्यों की जाँच कराने तथा तब तक अनंत देव को एसटीएफ से अलग रखे जाने का अनुरोध किया है।

शहीद क्षेत्राधिकारी (बिल्हौर) देवेंद्र मिश्रा द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखा पत्र वायरल होने के प्रकरण को शासन ने गंभीरता से लिया है, इसमें पुलिस की चूक उजागर होने पर गोपनीय जांच शुरू कराई गई है। मंगलवार की सुबह आईजी रेंज लखनऊ लक्ष्मी सिंह बिल्हौर क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंच गई हैं। माना जा रहा है कि वह पत्र लीक मामले की जांच के लिए आई हैं।

पुलिस की साठ टीमें मोस्टवांटेड विकास दुबे की तलाश में जुटी हैं, उसके मध्य प्रदेश और राजस्थान भाग जाने की आशंका बढ़ गई है। वहीं पुलिस ने विकास की बहू, नौकरानी और एक पड़ोसी को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में शहीद हुए आठ पुलिस जवानों के परिवार को जिले पुलिसकर्मी और अधिकारी एक दिन वेतन देंगे।