फेस्टिवल सीजन से पहले सस्ते हो सकते हैं वाहन, सरकार इस महीने के अंत में ला सकती है नई नीति

08:31 PM Sep 22, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)-देश में आटो उद्योग को बड़ी राहत मिल सकती है। इस राहत का फायदा जहां आटो कंपनियों को होगा वहीं ग्राहकों को सस्ती गाड़ियां खरीदने का माैका मिल सकता है। दरअसल सरकार इस महीने वाहन कबाड़ नीति (व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी) लागू कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक इस नीति में सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियां पुराने वाहन स्क्रैप करा कर नए वाहन खरीदने वाले को प्रोत्साहन अपनी तरफ से दे सकती है। अधिकारी के अनुसार, 15 साल पुराने कमर्शियल गाड़ियों और 20 साल पुरानी निजी गाड़ियां वाहन कबाड़ नीति के तहत आएंगी। इसके साथ ही वाहनों को सड़क पर चलाने के लिए उनके फिटनेस सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया जाएगा। वाहनों को ऑटोमैटिक टेस्ट सेंटर से फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। अगर कोई वाहन तीन बार फिटनेस सर्टिफिकेट लेने में असफल रहेगा तो उसे स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। वाहन कबाड़ नीति के लागू होने से जहां 3 करोड़ पुराने वाहन सड़क से हटेंगे वहीं पुराने वाहन हटने और नए वाहन की मांग बढ़ेगी, जिससे बिक्री बढ़ेगी। इससे कीमतों में भी गिरावट का रुख देखा जा सकता है। वाहन में स्टील का हिस्सा 50 से 55 फीसदी होता है। वाहनों के स्क्रेप से करीब 6550 करोड़ रुपये का स्टील स्क्रैप मिल जाएगा।


स्क्रैप पॉलिसी लागू होने के बाद नई मोटर साइकिल का पंजीकरण कराने पर एक हजार रुपये शुल्क लगेगा। लेकिन यदि पुरानी का नवीनीकरण कराते हैं तो शुल्क दो हजार रुपये होगा। संभावना है कि नए थ्री व्हीलर व ऑटो का पंजीकरण पांच हजार रुपये में होगा वहीं पुराने वाहन का शुल्क 10,000 रुपये होगा। नए एलएमवी (लग्जरी टैक्सी) का पंजीकरण शुल्क पांच हजार रुपये होगा जबकि पुराने का नवीनीकरण का शुल्क 15,000 रुपये कर दिया गया है। ट्रक, बस आदि भारी वाहनों के नवीनीकरण को 20 हजार से बढ़ाकर 40,000 हजार रुपये कर दिया है। इतना ही नहीं नवीनीकरण में देरी होने पर 500 रुपये प्रति माह जुर्माना लिया जाए।