परवाणू-ऊना में फूलों के लिए बनेंगे सब्जी मंडी कोल्ड स्टोर

शिमला (ऊषा शर्मा): हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों व बागवानों के उत्थान व उनकी फसल उत्पादकता को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है ताकि उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। वह गुरुवार को ‘फूल विपणन में अवसर’ विषय पर आयोजित क्रेता-विक्रेता सदस्यों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फूलों को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए प्रदेश में कोल्ड स्टोर मंडियां खोली जाएंगी। प्रदेश के परवाणू व ऊना में फूलों के लिए सब्जी मंडी कोल्ड स्टोर बनाने पर सहमति बनी है, जिसे आगामी बोर्ड की बैठक में निर्णय हेतु ले जाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कोरोना काल की वजह से किसानों-बागवानों की फसलें, विशेषकर फूलों की खेती भी मार्किटिंग उपलब्ध न होने के कारण काफी प्रभावित हुई है। पॉली हाउसों में तैयार सब्जियां व फूल, कोरोना की वजह से बाजार तक नहीं पहुंच सके और पूरी तरह तबाह हो गए, जिस कारण किसानों की आर्थिकी को भी नुकसान हुआ है। भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस वित्त वर्ष के बजट में कृषि उपज को बढ़ाने के लिए की गई अनेक घोषणाओं के साथ-साथ फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कृषि विपणन बोर्ड के अधीन 10 एपीएमसी कार्य कर रही है, जो किन्नौर व लाहौल-स्पिति के अलावा अन्य सभी 10 जिलों में संचालित है।

उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए कलेक्शन यार्ड भी बनाए गए है। फल व सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन हो और फसल बाजार तक पहुंचें,  इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक कृषि विपणन बोर्ड नरेश ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में 238 हैक्टेयर भूमि पर बने पॉलि हाउसों में फूलों का उत्पादन किया जा रहा है जबकि 400 हैक्टेयर खुली जमीन पर फूलों की खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सब्जी व फूलों की मार्किटिंग की दिक्कतों को देखते हुए 17 फरवरी व 25 मार्च को दिल्ली गाजीपुर के ट्रेडरज व बायर्स तथा उत्पादकों के साथ बैठक की गई और बैठक से निकले निष्कर्ष के आधार पर किसानों बागवानों को मार्किटिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई गई।