कटघरे में वाड्रा

प्रियंका गांधी वाड्रा का सक्रिय राजनीति में उतरने का मुख्य कारण उनके पति रार्बट वाड्रा ही है। राबर्ट वाड्रा पर जिस तरह कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है उसको देखते हुए गांधी परिवार ने एक सोची-समझी योजना के तहत प्रियंका को राजनीति में उतार दिया है। इससे वाड्रा के मुद्दे का राजनीतिकरण करना आसान हो जाएगा और अगर कल को राबर्ट वाड्रा को कोई सजा मिली तो तब गांधी परिवार यह कहने की स्थिति में होगा कि उनके दामाद को राजनीतिक विरोध के कारण निशाना बनाया गया है। वर्तमान में राजनीतिक परिस्थितियां बेशक ऐसी हैं कि गांधी परिवार को राजनीतिक लाभ और कानूनी राहत मिलने की संभावना बनी हुई है, लेकिन तथ्य कुछ और ही कहते हैं।

वाड्रा से तीन दिन तक पूछताछ करने वाले ईडी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार लंदन स्थित आवास (पता-12, ब्रायंस्टन स्क्वायर) कोरियाई कंपनी सैमसंग इंजीनियरिंग की ओर से दी गई दलाली से खरीदा गया था। दलाली गुजरात के दाहेज में बनने वाले ओएनजीसी के एसईजेड से जुड़े निर्माण का ठेका मिलने के एवज में दिया गया था। ईडी अब इस ठेके की जांच कर रहा है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी अनुसार सैमसंग इंजीनियरिंग को दिसंबर, 2008 में दाहेज में बनने वाले एसईजेड के लिए ठेका मिला था। इसके छह महीने के बाद 13 जून, 2009 को सैमसंग ने संजय भंडारी की कंपनी सैनटेक को 49.9 लाख डॉलर (तत्कालीन विनिमय दर के हिसाब से लगभग 23.50 करोड़ रुपये) दिया। संजय भंडारी ने बाद में इसमें से 19 लाख पाउंड (तत्कालीन विनियम दर के हिसाब से लगभग 15 करोड़ रुपये) वोर्टेक्स नाम की कंपनी में ट्रांसफर किया। ईडी का दावा है कि इसी पैसे का इस्तेमाल 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर की संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था। 2010 में भंडारी का रिश्तेदार सुमित चड्ढा इस संपत्ति की मरम्मत के लिए वाड्रा को ईमेल भेजकर इजाजत मांग रहा था। यही नहीं, बाद में एक ईमेल में सुमित चड्ढा ने मरम्मत के पैसे की व्यवस्था करने के लिए भी कहा था, जिस पर वाड्रा ने जवाब में मनोज अरोड़ा को इसकी व्यवस्था करने का निर्देश देने का भरोसा दिया था। घर की मरम्मत पर लगभग 45 लाख रुपये खर्च किए गए।

मामला यही समाप्त होने वाला नहीं। आने वाले दिनों में वाड्रा से उनकी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी कंपनी से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर भी पूछताछ हो सकती है। सूत्रों के अनुसार ईडी अब उनसे राजस्थान के बीकानेर में जमीन घोटाले से जुड़े मामले में 12 फरवरी को जयपुर में पूछताछ करने वाली है। राजस्थान हाईकोर्ट ने वाड्रा को 12 फरवरी को ईडी के समक्ष पेश होकर उनकी कंपनी पर धन शोधन के आरोपों का जवाब देने को कहा है। राबर्ट वाड्रा और कंपनी में सांझेदार उनकी मां को पिछले साल नवम्बर में तीसरी बार समन जारी किया गया था, लेकिन वे पेश होने की बजाय किसी प्रकार की प्रतिरोधी कार्रवाई नहीं करने और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट पहुंचे। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनको मामले में जांच एजेंसी का सहयोग करने का निर्देश दिया। एजेंसी ने सितंबर 2015 में धन शोधन का मामला दर्ज किया था, जिसमें स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी पर बीकानेर के कोलायत गांव में गरीबों के पुनर्वास की जमीन पर अधिग्रहण करने का आरोप है। आरोप है कि वाड्रा ने सस्ते दाम पर 69.55 हैक्टेयर जमीन खरीदी और उसे अवैध लेन-देन के माध्यम से अलेगेनी फिनलीज को 5.15 करोड़ में बेच दिया। एजेंसी ने दावों के अनुसार जांच में पाया गया कि अलेगेनी का कोई रियल बिजनैस नहीं है और अंशधारक भी फर्जी पाए गए। इससे पहले सीबीआई ने 2017 में राजस्थान सरकार के आग्रह पर बीकानेर जमीन सौदे के सिलसिले में 18 मामले दर्ज किए थे। इन 18 मामलों में 4 मामले स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में एक जमीन सौदे से जुड़े मामले में आने वाले दिनों में नया मामला दर्ज किए जाने पर भी वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। ईडी सूत्रों के अनुसार गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में एक जमीन सौदे से जुड़े मामले में आने वाले दिनों में नया मामला दर्ज किए जाने पर भी वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। गुरुग्राम में 2009-12 के दौरान 1.417 एकड़ जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर सी.बी.आई. ने 23 जनवरी को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंहु हुड्डा और कई अन्य के खिलाफ एक मामला दर्ज किया, जिसमें 15 निजी बिल्डर भी शामिल हैं। हरियाणा पुलिस ने पिछले साल दो सितम्बर को वाड्रा और हुड्डा के खिलाफ गुरुग्राम के जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला दर्ज किया था। वाड्रा पर आरोप है कि उनकी कंपनी ने शिकोहपुर गांव में 2008 में डीएलएफ को 3.5 एकड़ जमीन उस समय प्रचलित दर से काफी ऊंची कीमत पर बेची थी। विदेशों में संपत्ति खरीद से जुड़े कथित धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच का सामना कर रहे राबर्ट वाड्रा ने कहा है कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। गौरतलब है कि पिछले ही हफ्ते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगातार 3 दिन वाड्रा से पूछताछ की थी। वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, प्रभात इस घड़ी में पूरे देश में मेरे समर्थन के लिए पहुंचे मित्रों और परिचितों को धन्यवाद देना चाहता हूं। वाड्रा ने कहा, मैं ठीक हूं, अच्छा हूं और किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरे अनुशासन में हूं। सच्चाई की हमेशा जीत होती है। आप सभी को रविवार और सप्ताह की शुभकामनाएं।

भविष्य में क्या होने वाला है इस बारे तो अभी कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन एक बात तो कही जा सकती है कि आज कटघरे में खड़े गांधी परिवार के दामाद राबट्र वाड्रा मुश्किल में है और निकट भविष्य में उनकी मुश्किलें तभी आसान हो सकती हैं, अगर प्रियंका गांधी व राहुल गांधी के हाथ सत्ता तक पहुंच जाते हैं।



-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।