EVM विवाद: बिहार में महागठबंधन की धमकी, हथियार उठाने का समय आ गया

पटना (उत्तम हिन्दू न्यूज): बिहार में महागठबंधन के घटक राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने आज कहा कि देश में पहले बूथ लूट की घटनाएं हुआ करती थी लेकिन अब एग्जिट पोल के जरिये चुनाव परिणाम को लूटने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने यहां महागठबंधन के सभी घटक दल के नेताओं की उपस्थिति में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहले तो बूथ लूट की घटना होती थी लेकिन यह आश्चर्य है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम को ही लूटने का प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पक्ष में परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है, जो सच्चाई से परे है। यह विपक्षी दलों का मनोबल तोडऩे का सुनियोजित प्रयास है।

कुशवाहा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव के समय यह नारा दिया था कि 'मोदी है तो मुमकिन है' जिससे सच्चाई सामने आ गई है कि चुनाव परिणाम को ही लूटने का प्रयास किया जा रहा है, जो पहले सोचा भी नहीं जा सकता था। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर से जो जमीनी वस्तुस्थिति की जानकारी ली है, उसके अनुसार बिहार में अधिकांश सीटों पर महागठबंधन के प्रति लोगों का सम्मान है।
रालोसपा अध्यक्ष ने कहा कि एग्जिट पोल का अनुमान जमीनी सच्चाई से बिल्कुल विपरीत है।



जननायक कर्पूरी ठाकुर ने कहा था कि बेटी-रोटी को बचाने के लिए यदि हथियार भी उठाना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए। अब समय आ गया है कि लोगों में मौजूदा सरकार के प्रति बढ़ते आक्रोश को लेकर हथियार उठाना पड़ सकता है और इसकी पूरी जिम्मेवारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की होगी। कुशवाहा ने चेतावनी देते हुये कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों को सचेत रहना चाहिए क्योंकि सत्तारूढ़ दल के द्वारा चुनाव परिणाम लूटने के हो रहे प्रयास से जनता में आक्रोश है और सड़क पर खून तक बह सकता है। ऐसी स्थिति उत्पन्न करने के लिए सत्तारूढ़ दल के नेता ही जिम्मेवार हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह किसी भी तरह से जीत हासिल करने के लिए नैतिक और अनैतिक कदम उठाते रहे हैं। इस बार चुनाव के समय लोग उनकी चाल को समझ गये थे इसलिए उनके झांसे में नहीं आये। चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाये गये और इसी का परिणाम एग्जिट पोल है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करते हुये कहा कि इससे लोगों में भ्रम पैदा किया जा रहा है। प्रत्येक बूथ से जमीनी स्थिति की जानकारी ली गई है और सभी मतदान केंद्रों पर महागठबंधन के पक्ष में बढ़-चढ़कर लोगों ने वोट किया है। सत्तारूढ़ दल महागठबंधन पर एग्जिट पोल के माध्यम से मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि राजग में फूट होने जा रहा है और उसी पर पर्दा डालने के लिए इस तरह कारगुजारी की जा रही है।