कुम्भ में आपके दीदार के लिये तैयार है सरकार : योगी

लखनऊ (उत्तम हिन्दू न्यूज): संगम नगरी इलाहाबाद में अगले साल कुंभ मेला के आयोजन को एेतिहासिक बनाने के लिये एडी चोटी का जोर लगाये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश दुनिया के लोगों को कुंभ में आने का न्योता देते हुये कहा है कि देश के सबसे विशाल धार्मिक मेले के जरिये उन्हे भारतीय सभ्यता, परम्परा और संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलेगा।

योगी ने बुधवार देर शाम मुम्बई में जुहू स्थित इस्काॅन आॅडिटोरियम में आयोजित ‘संस्कृति कुम्भ’ कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में कहा कि कुम्भ में सभी के स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश सरकार उत्सुक और तैयार है। प्रयागराज सहित कुम्भ क्षेत्र को स्वच्छ और सुन्दर बनाने की ओर राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है। 

उन्होने कहा कि कुम्भ भारतीय संस्कृति, विरासत और आदर्शों से सबको परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कुम्भ को मानवता के अपार जनसमूह के समागम का पर्व बताते हुए कहा कि इसमें देश और दुनिया की विभिन्न संस्कृतियों के लोगों की भागीदारी होती है। यह पर्व शान्ति, सामंजस्य और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है। 

योगी ने आग्रह किया कि कुंभ मेला में शिरकत करने वाले अतिथियों, आगन्तुकों, श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों को श्रृंग्वेरपुर, चित्रकूट तथा काशी का भी भ्रमण करना चाहिये उन्होंने द्वादश माधव के भी दर्शन किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम स्थित किले के अन्दर सरस्वती कूप के दर्शन किए जाने की व्यवस्था के सम्बन्ध में रक्षा मंत्रालय से बातचीत हो रही है। उन्हाेने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को जिस तरह पूरी दुनिया में पहुंचाया है, उसी प्रकार हम सबको भारतीय सभ्यता, परम्परा और संस्कृति को पूरी दुनिया में पहुंचाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में यूनेस्को द्वारा कुम्भ को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ की विश्व धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भैय्या जी जोशी , सांसद डाॅ0 सुभाष चन्द्रा, सांसद मनोज तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, गायक कैलाश खेर, गायक हिमेश रेशमिया, फिल्म अभिनेता शरमन जोशी, भोजपुरी अभिनेता एवं गायक पवन सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

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