कश्मीर पर UNSC की बैठक शुरू, बेफिक्र भारत

संयुक्त राष्ट्र ( उत्तम हिन्दू न्यूज)- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भारत द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को यहां बैठक शुरू हो गई। पाकिस्तान ने इस मुद्दे को लेकर विश्व निकाय को पत्र लिखा था जिसके बाद यह बैठक हो रही है। वहीं रूस ने कश्मीर को लेकर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत का समर्थन किया है। बंद दरवाजे में हो रही चर्चा को लेकर पाकिस्तान बेहद उत्साहित और आशान्वित है तो भारत इसे बहुत तवज्जो देता नहीं दिख रहा है। भारत की बेफिक्री का कारण यह है कि हाल के वर्षों में इस तरह की अनौपचारिक चर्चा का चलन बढ़ गया है जिनमें सुरक्षा परिषद के सदस्य बंद कमरे में बातचीत करते हैं और इनकी कोई जानकारी बाहर नहीं आती है। भारत के बेफिक्री के अन्य प्रमुख कारण रूस का चीन-पाकिस्तान के विरोध में मजबूती के साथ खड़ा होना और अमेरिका के साथ-साथ खुद संयुक्त राष्ट्र की इस मामले के प्रति खास दिलचस्पी का नहीं होना है। 


दरअसल, हाल ही में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान यूएनएससी में लगातार जम्मू कश्मीर के मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के लिए अब कश्मीर गले की हड्डी बन गया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसने यह मुद्दा काफी उठाया, लेकिन उसकी एक भी दलील काम नहीं आई। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लगभग सभी देशों (चीन को छोड़कर) ने उसे उलटे पांव लौटा दिया, उसका इस मुद्दे पर सिर्फ चीन ही साथ दे रहा है।

कश्मीर पर यूएन के इतिहास में दूसरी बार बैठक हो रही है। इससे पहली  बैठक 1971 के मुद्दे पर हुई थी। यूएनएससी में सदस्यों की संख्या 15 है, जिसमें से 5 स्थायी और 10 अस्थायी हैं। पाकिस्तान के करीबी सहयोगी चीन ने परिषद में ‘‘बंद कमरे में विचार-विमर्श’’ करने के लिए कहा था। इस मामले पर चर्चा करने के लिए सुरक्षा परिषद की बैठक प्रात: दस बजे (भारतीय समयानुसार रात साढ़े सात बजे) होगी। संयुक्त राष्ट्र के एक राजनयिक ने बताया था कि चीन ने सुरक्षा परिषद की कार्यसूची में शामिल ‘भारत पाकिस्तान प्रश्न’ पर बंद कमरे में विचार-विमर्श करने के लिए कहा था।


राजनयिक ने कहा, ‘‘यह अनुरोध सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पाकिस्तान के पत्र के संदर्भ में था।’’ परिषद की कार्यावलि में कहा गया है ‘‘भारत/पाकिस्तान पर सुरक्षा परिषद का विचार विमर्श (बंद कमरे में) प्रात: दस बजे सूचीबद्ध है।’’ 
उल्लेखनीय है कि बंद कमरे में बैठकों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं होता और इसमें बयानों का शब्दश: रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। विचार-विमर्श सुरक्षा परिषद के सदस्यों की अनौपचारिक बैठकें होती हैं। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड के मुताबिक, आखिरी बार सुरक्षा परिषद ने 1964-65 में ‘भारत-पाकिस्तान प्रश्न’ के एजेंडा के तहत जम्मू कश्मीर के क्षेत्र को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद पर चर्चा की थी।


हाल में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि उनके देश ने, जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत के फैसले पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की औपचारिक मांग की है।