आधार सॉफ्टवेयर हैकिंग के दावे पर UIDAI का स्पष्टीकरण, कहा- सेंधमारी असंभव

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : आधार सॉफ्टवेयर की कथित तौर पर हैकिंग की खबरों पर अब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का बयान सामने आया है। UIDAI आधार सॉफ्टवेयर की हैकिंग रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। UIDAI ने मंगलवार को इस पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि सोशल और ऑनलाइन मीडिया में आधार इनरोलमेंट सॉफ्टवेयर के कथित तौर पर हैक किए जाने की रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। UIDAI का कहना है कि डेटाबेस में सेंधमारी संभव नहीं है, ऐसे में हैकिंग की खबरों में किए जा रहे दावे आधारहीन हैं। 

बता दें कि 'हफपोस्ट इंडिया' ने खुलासा किया है कि आधार डेटाबेस, जिसमें एक अरब से अधिक भारतीयों की बॉयोमीट्रिक्स और व्यक्तिगत जानकारियां शामिल हैं, में एक सॉफ्टवेयर पैच के जरिए सेंध लगा दी गई है, जिसकी मदद से आधार की सिक्युरिटी फीचर को बंद किया जा सकता है। दावों के मुताबिक कोई भी अनधिकृत व्यक्ति 2,500 रुपये में आसानी से मिलने वाले इस पैच के जरिए दुनिया भर में कहीं भी आधार आईडी बना सकता है। इस मसले पर देश की सियासत भी गरमा गई। कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा, "आधार नामांकन सॉफ्टवेयर के हैक हो जाने से आधार डेटाबेस की सुरक्षा खतरे में आ सकती है। हमें उम्मीद है कि अधिकारी भावी नामांकनों को सुरक्षित करने और संदिग्ध नामांकन की पुष्टि के लिए उचित कदम उठाएंगे।"

गौरतलब है कि पिछले महीने फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ इलियट एल्डर्सन ने यूआईडीएआई से सवाल किया था कि क्यों इसकी हेल्पलाइन संख्या कई लोगों के फोन पर उनकी जानकारी के बिना दर्ज हो गई, जिससे काफी विवाद हुआ था। अब उन्होंने एक बार फिर कहा है कि यूआईडीएआई डेटा में सेंध को रोकने के लिए हैकर्स के साथ काम करें। उन्होंने कहा, "मैं दोहराता हूं कि कोई भी चीज ऐसी नहीं है, जिसे हैक न किया जा सके। यह आधार पर भी लागू होती है। कभी भी बहुत देर नहीं होती। सुनिए और हैकर्स को धमकी देने के बजाए उनसे बात कीजिए।"

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