बैलेट पेपर से चुनाव कराने की तैयारी में महाराष्ट्र सरकार, कानून बनाने के लिए उद्धव ठाकरे को मिला निर्देश

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : महाराष्ट्र में मतदाताओं को ईवीएम के अलावा बैलेट पेपर से भी वोट देने का विकल्प मिल सकता है और इसके लिए कानून बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार चुनाव कराने के लिए बैलेट पेपर को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि मार्च में राज्य विधानसभा के बजट सत्र में इससे जुड़ा विधेयक पेश हो सकता है। मीडिया से बातचीत में विधानसभाध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि उन्होंने उद्धव ठाकरे सरकार को ईवीएम के साथ बैलेट पेपर पर चुनाव कराने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। पटोले ने कहा, 'अगर ड्राफ्ट तैयार है तो विधेयक को आगामी बजट सत्र में पेश किया जा सकता है।'

विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले के साथ सीएम उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

स्पीकर नाना पटोले के फेसबुक पेज पर जारी एक बयान के अनुसार, नागपुर के रहने वाले प्रदीप उके नामक शख्स ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष इस संबंध में एक आवेदन दिया था और उसी के अनुसार विधान भवन में उसी पर चर्चा के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी। इस मसले पर हुई बैठक में राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बलदेव सिंह और अन्य लोग भी बैठक के लिए मौजूद थे।

इवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतों की ओर इशारा करते हुए मीडिया से बातचीत में नाना पटोले ने कहा, 'मैंने राज्य सरकर से इस संबंध में एक कानून बनाने को कहा है। राज्य सरकार एक कानून बना सकती है। अतीत में चुनाव के दौरान संदेह पैदा किया गया था (ईवीएम छेड़छाड़ के बारे में)।' उन्होंने कहा कि मतदान एक मौलिक अधिकार है और किसी को भी बैलेट पेपर या ईवीएम का उपयोग करके वोट डालने का विकल्प होना चाहिए। 

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बता दें कि चुनाव में अक्सर ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आती रही हैं। यही वजह है कि महाराष्ट्र में ईवीएम के अलावा, बैलट पेपर का विकल्प देने को लेकर कानून बनाने की कवायद तेज हो चली है। चुनावों में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सहित कई दलों ने चुनाव आयोग से बैलेट पेपर प्रणाली को वापस लेने का आग्रह किया था। 

मंगलवार को आवेदक की ओर से अधिवक्ता सतीश उके ने कहा कि यह मतदाताओं का अधिकार है कि उनके पास ईवीएम के साथ-साथ मतपत्र (बैलेट पेपर) के माध्यम से भी वोट डालने का विकल्प हो। उन्होंने कहा कि ईवीएम या बैलेट पेपर विश्वसनीय हैं या नहीं, यह तय करने के लिए लोगों पर छोड़ दिया जाना चाहिए और यह विधायिका की जिम्मेदारी है कि वह सार्वजनिक जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक कानून बनाए।

गौरतलब है कि देशभर के कई विपक्षी दलों ने बीते कई मौकों पर ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है और बैलट पेपर प्रणाली को वापस लेने की मांग की है। हालांकि, भाजपा ने पहले ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा के लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधा था। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार है, जिसमें शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी शामिल है। वहीं भाजपा राज्य में विपक्ष की भूमिका में है।