ट्रंप 'सिरफिरे राष्ट्रपति' : ईरानी अधिकारी

तेहरान (उत्तम हिन्दू न्यूज): ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक 'सिरफिरा राष्ट्रपति' करार देते हुए कहा है कि तेहरान के खिलाफ उनकी धमकियां काम नहीं करेंगी और अगर ट्रंप ईरान से बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें न सिर्फ उसके प्रति सम्मान दर्शाना होगा, बल्कि साथ ही एक स्थिर संदेश पर कायम रहना होगा। ईरानी संसद के विदेशी मामलों के निदेशक हुसैन आमिर-अब्दुलाहियान ने सोमवार को सीएनएन से एक साक्षात्कार में कहा, कि ट्रंप 'सिरफिरे' हैं और उनका प्रशासन 'भ्रमित' है।

ट्रंप ने रविवार को सिलसिलेवार ट्वीट्स कर ईरान को ताकीद की थी कि वह 'कभी भी अमेरिका को धमकी न दे' और साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान युद्ध चाहता है तो यह ईस्लामी देश का 'आधिकारिक अंत' होगा। हुसैन की ये टिप्पणियां ट्रंप की इन ट्वीट्स के बाद आई हैं। हुसैन ने सीएनएन से कहा, अपने दिमाग में, ट्रंप सोचते हैं कि उन्होंने प्रतिबंधों के जरिए ईरान के सिर पर बंदूक तान दी है और वह हमारी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा, लेकिन, यह सब सिर्फ उनकी कल्पना है। अब वह चाहते हैं कि हम उनसे बात करें? ये एक सिरफिरे राष्ट्रपति हैं। उन्होंने वेस्ट विंग में मौजूद युद्ध की आग को भड़काने वालों की ओर ईशारा करते हुए और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन का नाम लेते हुए कहा, व्हाइट हाउस के भीतर ही विचारों में काफी मतभेद हैं। उन्होंने कहा, इतना ही नहीं, ट्रंप अपने निर्णय लेने में संतुलित और स्थिर नहीं हैं, इसलिए हमें एक भ्रमित व्हाइट हाउस से निपटना पड़ रहा है। ईरान को कई संकेत मिलते हैं जिनसे पता चलता है कि कोई नहीं जानता कि व्हाइट हाउस पर किसका शासन है। उन्होंने, हालांकि, साथ ही कहा कि वह बातचीत के खिलाफ नहीं हैं, प्रश्न यह है कि यह कैसे की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ट्रंप ईरान से फोन पर बात करने के बारे में चर्चा कर सकते हैं, लेकिन तभी जब वह धमकी और बल की भाषा का प्रयोग न करें। उन्होंने कहा कि ट्रंप को अगर लगता है कि ईरान के खिलाफ उनकी धमकियां काम करेंगी तो उन्हें ईरानी लोगों की संस्कृति और मानसिकता के बारे में कुछ भी पता नहीं है।