दिल्ली-हरियाणा सीमा पार करने के लिए अब ट्रेवल पास जरूरी नहीं

12:27 PM Jun 01, 2020 |

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): दिल्ली-हरियाणा सीमा पार करने के लिए सोमवार से किसी भी यात्रा पास की आवश्यकता नहीं है। हरियाणा सरकार ने इसकी घोषणा की है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां संवाददाताओं से कहा, "गुरुग्राम और दिल्ली और फरीदाबाद और दिल्ली के बीच यातायात की गति पूरी तरह से सुचारू है।" उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली-हरियाणा सीमा केंद्र सरकार के दिशानिदेशरें के अनुसार खोली गई थी और इसके लिए कोई पास की आवश्यकता नहीं होगी।

शुक्रवार को हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर बड़े पैमाने पर ट्रैफिक जाम देखा गया। इससे पहले आवश्यक सेवा प्रदाताओं और ई-मूवमेंट पास धारकों को छोड़कर मोटर चालकों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया था, जो कोरोना वायरस मामलों में बढोतरी का कारण थे। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मामलों में बढ़ोतरी के लिए दिल्ली को जिम्मेदार ठहराया था, जहां से लोगों की आवाजाही हो रही थी।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जिलों में रिपोर्ट किए गए मामले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जो कुछ प्रतिबंधों के बावजूद घूम रहे हैं। इस बीच, हरियाणा सरकार ने रविवार को कंट्रक्शन जोन में लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ाने का फैसला किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों और जिला मजिस्ट्रेट और संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंधित क्षेत्रों को खोलने का भी निर्णय लिया गया।

ये निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में एक बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लिया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और गृह मंत्री अनिल विज भी शामिल थे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिलाधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र वाले क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, लोगों की आवाजाही पर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक प्रतिबंध लगा सकते हैं।

यह निर्णय लिया गया कि व्यक्तियों और वस्तुओं के अंतरराज्यीय और जिलों के बीच आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इसके अलावा, दुकानें सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेंगी। यह निर्णय लिया गया कि खेल गतिविधियां सुबह 5 बजे से शुरू हो सकती हैं। हालांकि, सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों पर और परिवहन के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य है। इसके अलावा, व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थानों पर न्यूनतम छह फीट की दूरी बनाए रखनी चाहिए। दुकानदार ग्राहकों के बीच शारीरिक दूरी सुनिश्चित करेंगे और एक समय में पांच से अधिक व्यक्तियों को अनुमति नहीं देंगे।

इसके अलावा, बड़ी सार्वजनिक सभाएं या मण्डली प्रतिबंधित रहेंगी। विवाह संबंधी समारोहों में, मेहमानों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी और अंतिम संस्कार करते समय लोगों की संख्या 20 से अधिक नहीं होगी। सरकार ने समूह ए और बी अधिकारियों की 100 प्रतिशत उपस्थिति और समूह सी और डी के कर्मचारियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्यालयों में कामकाज की अनुमति देने का निर्णय लिया है। टैक्सी और कैब के साथ अंतरराज्यीय और राज्य के अंदर बसें भी मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार चलेंगी।