कल ट्रेनों के पहिए जाम करेंगे किसान, 12 से 4 बजे तक रेल रोको आंदोलन 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन के बीच कल किसानों का देशभर में 4 घंटे का रेल रोको आंदोलन है। ये आंदोलन दोपहर 12 से 4 बजे तक रहेगा। इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ गुरुवार को देशभर में ट्रेनों के पहिए रोके जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देशभर में 'रेल रोको आंदोलन' होगा। खास बात यह है कि पिछली बार हुए देशव्यापी 'चक्का जाम' से जिस तरह दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड को बाहर रखा गया था, इस बार 'रेल रोको' में किसी राज्य को छूट नहीं दी जाएगी। इसे देखते हुए रेलवे ने भी रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्से की 20 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की है।

राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले 8 महीने से तमाम ट्रेनों को चलने की इजाजत ही नहीं दे रही है जबकि कई तरह की दूसरी बंदिशों को उसने हटा दिया है। इससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। उन्होने कहा कि गुरुवार को होने वाले 'रेल रोको आंदोलन' में गांवों के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। दरअसल, संयुक्त किसान मोर्चा ने पिछले हफ्ते 'रेल रोको आंदोलन' करने का ऐलान किया था।

राकेश टिकैत ने कहा कि हम तो ट्रेन चलाने की बात कर रहे हैं। अगर ट्रेन रोकेंगे तो संदेश देंगे कि ट्रेन चले। उन्होंने गांव के लोगों से भी इस अभियान में जुड़ने का आह्वान किया है। कहा कि गांव के लोग अपने हिसाब से रेल रोको अभियान का संचालन कर लेंगे। बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर 11 फरवरी को आंदोलन स्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर रणनीति बनाई गई थी। इसके साथ ही आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी को लेकर गांवों में जनसंपर्क भी किया था। वहीं पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब के बाद राजस्थान में शुरू हुए महापंचायतों के दौर में अब यहां आंदोलन पर बैठे किसानों ने भी महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी है। 

इस आंदोलन के मद्देनजर रेलवे ने खास तैयारियां की हैं। रेलवे प्रोटेक्‍शन फोर्स यानी RPF के डीजी अरुण कुमार ने बताया, आंदोलन के मद्देनजर हमने GM के साथ आंतरिक बैठक की है। जनरल मैनेजर को कहा गया है कि लोकल स्तर पर राज्य सरकार और DM SP से संपर्क में रहें और इस बात पर नजर रखें कि कहां क्या स्थिति है। उन्‍होंने बताया कि पहले से सूचना के आधार पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है. संवेदनशील इलाके नॉदर्न रेलवे का फिरोज़पुर, अंबाला डिवीजन और कुछ हिस्सा दिल्ली डिवीजन का है। इसके अलावा बंगाल, ईस्ट सेंट्रल रेलवे, बिहार, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली डिवीजन में भी ज़्यादा फोर्स की तैनाती की गई है।