Monday, May 20, 2019 02:05 AM

टी एन शेषन ने जैसे राजद पर लगाम लगाया था वैसे ही टीएमसी पर लगाये- सुशील मोदी

पटना (उत्तम हिन्दू न्यूज)- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि श्री टी एन शेषन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर रहते हुए बिहार में बूथ लुटेरों और गुंडों पर लगाम लगाया था उसी तरह की सख्ती आयोग को पश्चिम बंगाल में भी बरतनी चाहिए। 

श्री मोदी ने यहां कहा कि बिहार में लालू-राबड़ी के राज में भी वही हो रहा था जो आज पश्चिम बंगाल में हो रहा है। ठीक इसी तरह बिहार में भी बूथ लूट, चुनावी हिंसा, गरीब-कमजोर वर्ग के मतदाताओं को मतदान से रोकने आदि के कारण चुनाव आयोग को पूरे के पूरे संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों का चुनाव रद्द कर पुनर्मतदान कराना पड़ता था । उन्होंने कहा कि जब श्री टी एन शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त बने तब उन्होंने सख्ती से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बूथ लुटेरों और गुंडों पर लगाम लगा । आज पश्चिम बंगाल में भी टीएमसी की गुंडागर्दी के खिलाफ आयोग को वैसी ही सख्ती बरतने की जरूरत है। भाजपा नेता ने कहा कि बूथ लूट और चुनावी हिंसा के करीब डेढ़ दशक के दौर में बिहार में जहां 641 लोग मारे गए थे वहीं छपरा, पूर्णिया और दो-दो बार पटना संसदीय क्षेत्र तथा दानापुर विधान सभा क्षेत्र के सम्पूर्ण मतदान को ही रद्द कराना पड़ा था। धांधली और बूथ लूट की शिकायतों के बाद 1990 के बिहार विधान सभा चुनाव में 1,239, 1995 में 1,668 और 2000 में 1,420 मतदान केन्द्रों पर चुनाव आयोग को पुनर्मतदान का निर्णय लेना पड़ा था। 

श्री मोदी ने कहा कि टीएमसी और सुश्री ममता बनर्जी की तरह तब बिहार में भी राजद-कांग्रेस के लोग चुनावी हिंसा, धांधली, बूथ लूट की घटनाओं के बाद पुनर्मतदान कराने के आयोग के निर्णयों के विरोध में खड़े रहते थे । आयोग की कड़ी कार्रवाई से न केवल राजद के बूथ लुटेरों पर नकेल कसा बल्कि हिंसा का दौर भी थमा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के हालात के मद्देनजर एक दिन पहले चुनाव प्रचार को रोकने का चुनाव आयोग का निर्णय कोई अप्रत्याशित नहीं है। आयोग की कार्रवाई का यह पहला कदम हो सकता है, लेकिन उसकी सख्ती और आम मतदाताओं की जागरूकता का बिहार की तरह बंगाल में भी असर होगा। 
 

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