बीबीएन के नगर निगम बनने का विरोध जताने वाले सोलन में बता रहे फायदे

बद्दी (किशोर ठाकुर) : दून व नालागढ़ की दोनों ही पार्टियों के सभी बड़े सियासतदान सोलन नगर निगम के चुनाव प्रचार में खूब पसीना बहा रहे हैं। लेकिन बडी हैरानी की बात है कि जब प्रदेश की जयराम सरकार ने बिना मांगे बीबीएन (बददी बरोटीवाला नालागढ़) को नगर निगम बनाने का तोहफा दिया था तो इन्हीं दोनों पार्टियों के नेताओं ने जमकर विरोध किया था। लगातार होते विरोध के बाद आखिर बददी क्षेत्र को विकास के द्वार खुलने से पहले ही राजनीति की संर्कीण सोच की भेंट चढ़ गए थे तथा प्रदेश सरकार ने अपने ही नेताओं का सहयोग न मिल पाने के कारण बीबीएन को मिलने वाले नगर निगम के तोहफे से हाथ खींच लिए थे। और अंतत: बददी तथा नालागढ की पांच लाख से ज्यादा आबादी का इंदौर की तर्ज पर सुंदर शहर बनने का सपना राजनीति की लौ में जलकर भस्म हो गया।

सोशल मीडिया पर डी.आर चंदेल बैहमंडी निवासी ने दोनों पार्टियों के नेताओं को कोसते हुए खूब भडास निकालते हुए लिखा है कि जब यही तोहफा दून विस क्षेत्र के बददी को बिन मांगे मिला था तो उस समय यही नेता पुरजोर विरोध करते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे थे और स्वयं को ग्रामीण कहलाने के पक्षधर बने रहे फिर आज किस मुंह से यह लोग सोलन की जनता को नगर निगम के फायदे गिनवा रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर सामाजिक संस्था श्रीहरि ओम योगा सोसाईटी के अध्यक्ष डा. श्रीकान्त शर्मा का कहना है कि दून के सभी नेता बददी के नगर निगम न बनने को लेकर बराबर के जि मेवार हैं जिन्होंने गन्दी राजनीति की संर्कीण सोच का परिचय देते हुए बददी के विकास में उन्नती के द्वारा खोलने से पहले ही बन्द करवा दिया और भविष्य में बीबीएन की जनता इन्हें कभी भी माफ नहीं करेगी तथा न ही इन्हें पश्चाताप करने के बाद भी इस पाप से मुक्ति न मिल सकेगी। गौरतलब है कि 3 हजार से ज्यादा उद्योगपतियों तथा एक हजार के करीब ब्यापारियों ने बददी को नगर निगम बनने के लिए बीबीएन में विकास के द्वार खोलने वाला करार दिया था। 

लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी तथा गन्दी राजनीतिक संर्कीण सोच के कारण बीबीएन को यह तोहफा नहीं मिल पाया।