मध्य प्रदेश के इस जिले ने पेश की अनोखी मिसाल, सरकार ने खड़े किए हाथ तो लोगों ने खुद ही लगा दिया लॉकडाउन

दमोह (उत्तम हिन्दू न्यूज) : मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में सरकार कई नगरीय इलाकों में वीकेंड पर लॉकडाउन लगा दिया है। वहीं दमोह को फ्री जोन रखा गया है। जबकि दमोह में हर रोज लगभग 28 से 30 संक्रमित मरीज रोज मिल रहे हैं। इसके पीछे वहां उपचुनाव होने को वजह माना जा रहा है। हालांकि अब दमोह के लोग ही आगे आए हैं और उन्होंने खुद ही अपने इलाके में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। कोविड से बचाव के लिए वे स्वेच्छा से नियमों का पालन कर रहे हैं।

जब पूरे प्रदेश के शहरी क्षेत्र में वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा की गई तो सवाल उठाया गया था आखिर दमोह में ही क्यों लॉकडाउन नहीं लगाया गया। जबकि वहां कोरोना के केस बहुत ज्यादा बढ़ रहे हैं। तो इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान ने कहा था कि दमोह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वहां उपचुनाव होने हैं तो उपचुनाव के चलते दमोह, निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में है इसलिए सरकार ने वहां लॉकडाउन नहीं लगाया। दमोह जिले के एक कस्बे की जनता ने ऐसे में नजीर पेश करते हुए खुद ही लॉकडाउन लगा लिया है।

दमोह के हटा ब्लॉक के हिनोता कस्बे के लोग कोविड के बढ़ते केसों को लेकर काफी सजग और चिंतित है। तभी तो सरकार और प्रशासन ने भले ही यहां वीकेंड लॉकडाउन ना लगाया हो लेकिन यहां के लोंगो ने खुद ही दो दिनों का वीकली लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। लॉकडाउन के दौरान हिनोता के बाजार पूरी तरह से बंद हैं और लोग भी अपने घरों में खुद कैद हो गए हैं।

हिनोता कस्बे के लोगों का कहना है कि कोरोना के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं। उससे कस्बे के लोग बहुत चिंतित हैं। साथ ही कई लोग कस्बे में ही संक्रमित निकले हैं और वहीं कुछ मरीजों की मौत भी हुई है। ऐसे में उनके पास लॉकडाउन के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं था। इसलिए सभी लोगों ने मिलकर लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। इसी के ही साथ कस्बे के लोगों का कहना है कि यदि जरूरत पड़ती है तो दो दिन के इस लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।