मर्दों के लिए नरक माना जाता है ये देश, झेलनी पड़ती हैं ऐसी यातनाएं!

03:26 PM Jan 17, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): अभी तक हमने यही सुना था कि दुनियाभर में पुरुषों द्वारा महिलाओं पर अत्याचार किए जाते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पुरुषों पर महिलाएं जुल्म ढाती हैं। यहां पुरुष महिलाओं की गुलामी करते हैं। उन्हें महिलाओं के कहे अनुसार ही सबकुछ करना पड़ता है। इसीलिए ये देश पुरुषों के लिए नरक माना जाता है।

इस देश का नाम ‘अदर वर्ल्ड किंगडम है, जो 1996 में यूरोपियन देश चेक रिपब्लिक से बना था। हालांकि, इसे अन्य राष्ट्रों ने देश का दर्जा नहीं दिया है। ये देश सिर्फ 7.4 एकड़ में फैला हुआ है। यहां ऐशोआराम के सभी सामान मौजूद हैं। यहां स्वीमिंग पूल और नाइट क्लब भी मौजूद हैं, लेकिन वहां पुरुष बिना महिलाओं के अनुमति के नहीं जा सकते। यहां महिलाएं पुरुषों को अपना गुलाम बनाकर रखती है। देश की मुख्य इमारत रानी का महल ही है। 

इस देश की रानी का नाम पैट्रिसिया-1 है, जिसका यहां निर्विरोध राज चलता है। इस देश में सिर्फ महिलाओं का ही राज चलता है। यहां पुरुषों खुले में घूमने और अपनी मनमर्जी से जीने की आजादी नहीं है। हैरान करने वाली बात ये है कि इस देश की रानी का चेहरा आज तक बाहरी दुनिया में किसी ने नहीं देखा।

पुरुषों पर महिलाओं के अत्याचार का आलम ये है कि यहां की रानी पुरुषों के शरीर का सोफा बनाकर उनके ऊपर बैठती है। इस देश में पुरुषों को कुर्सी पर बैठने की मनाही है। अगर उनकी मालकिन चाहें तो वह कुर्सी पर बैठ सकते हैं, लेकिन उनकी अवस्था मालिकों से अलग लगनी चाहिए।

यही नहीं, यहां अगर पुरुषों को शराब पीने से पहले मालकिन के पैरों में शराब चढ़ानी पड़ती है और इसके बाद ही गुलाम इसे पी सकता है। इस देश में कोई भी काम महिलाओं की इजाजत के बिना पुरुष नहीं कर सकते। वहीं पुरुषों के लिए सख्त कानून भी बने हैं। जो पुरुष इस कानून का पालन नहीं करता इसे सख्त से सख्त सजा दी जाती है। इस देश की नागरिकता पाने के लिए महिलाओं के लिए योग्यता रखी गई है।

यहां की नागरिकता पाने के लिए महिलाओं के लिए पहली शर्त ये हैं कि एक महिला के पास कम से कम एक पुरुष नौकर होना अनिवार्य है। वहीं दूसरी शर्त ये है कि वह सभी नियमों का पालन करने वाली होनी चाहिए। तीसरी शर्त के मुताबिक महिला को कम से कम पांच दिन महारानी के महल में बिताने होते हैं।