नेत्रहीनों को भी दिखा दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों का दर्द, सरकार हुई बेदर्द

-नेत्रहीन संगठनों ने किसानों के हक में कोटकपूरा से फरीदकोट तक निकाला पैदल मार्च
कोटकपूरा (दीपक गर्ग):
पंजाब की अलग-अलग नेत्रहीन संस्थाओं की ओर से लुइस ब्रेल के जन्मदिन पर किसानों के हक में डा. राजेश मोहन की अगुवाई में चेतना मार्च निकाला गया। यह मार्च दिल्ली कृषि बिलों को रद्द करने के लिए आंदोलनरत किसानों साथियों को यह समर्थन अहसास करवाने व सोई हुई सरकार को जगाने के मकसद से कोटकपूरा से पैदल फरीदकोट तक पहुंचा और  डिप्टी कमिश्नर को इन कानूनों को रद्द करवाने के लिए राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा।

इस मोके पर अपने विचार पेश करते हुए डा. राजेश मोहन व प्रो. श्याम सुंदर ने बताया कि लगातार 41 दिनों से किसान हाडकंपाती सर्दी व बारिश में लगातार धरना-प्रर्दशन कर रहे हैं लेकिन अंधी-बोली सरकार लगातार इस धरने में बैठे किसानों की बात सुनने की बजाय अपना राग अलाप रही है। नेत्रहीन साथियों की कोशिश है कि सरकार कम से नेत्रहीनों से ही सबक लें कि अगर ब्लाइंडों को इस धरने पर बैठे किसानों की इतनी फिक्र है और उनसे किसानों की दुर्दशा नही देखी जा रही तो किसान हितैषी सरकार का दावा करने वाली भाजपा सरकार क्यों अंधी हुई पड़ी है, उसको किसानों का दर्द,असलियत व दुख नजर क्यों नही आ रहा है। उन्होंने सरकार लगातार पूंजीपतियों व उद्योगपतियों हक में कानून लाकर पीडीएस सिस्टम, सरकारी संस्थाओं व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को समाप्त करने पर तुली है। उन्होंने सरकार से मांग की वह तुरंत इन कानूनों को वापस ले और एमएसपी को कानूनी दर्जा दे ताकि सालों से दुखी किसानों का दर्द दूर हो सके 

पैदल मार्च करने वाले साथियों में अनिल गुप्ता, जगदीप सिंह, राम गणेश, कर्मजीत सिंह, राम नारायण, हरजीत सिंह, सुखदेव सिंह राममूर्ति, हरीश के नाम शामिल है। इस मौके पर समाजसेवी अनंतदीप सिंह बराड़, आईलैट्स करवाने वाली संस्था बैटर फ्यूचर राजू गिल, लक्ष्य क्लब के प्रधान अमरजीत सुखीजा की तरफ से नेत्रहीन साथियों के लिए चाय व नाश्ते का प्रबंध किया गया। इस मौके पर प्रदीप मित्तल, सुरेंद्र कुमार, दीपक गर्ग, संजय कुमार, तरसेम चोपड़ा, जौहर सिंह बीकानेर आदि हाजिर थे।