भारत के लिए प्रौद्योगिकीय वरीयता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास करने का सही समय : डॉ निशंक

नयी दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि भारत के लिए प्रौद्योगिकीय वरीयता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास करने का यह सही समय है।
डॉ निशंक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित आईआईआईटी श्रीसिटी में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर, ज्ञान सर्किल वेंचर्स - नवाचार एवं उद्यमिता विकास केन्द्र - का उद्घाटन किया और कहा कि भारत के लिए प्रौद्योगिकीय वरीयता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास करने का यह सही समय है।
उन्होनें कहा, भारत विश्व में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत को दो ट्रिलियन से तीन ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनने में केवल पांच वर्ष लगे। नवाचार वह साधन है जो इस प्रगति को संभव बनाता है। हमें आत्मनिर्भर बनने और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के अति प्रतिस्पर्धी युग में अग्रणी बने रहने के लिए नवाचार और उद्यमिता को बढावा देना होगा।