भारी-भरकम खुराक वाला वो शक्तिशाली बादशाह, जो रोजाना 35 किलो व्यंजन के साथ पीता था जहर

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): गुजरात सल्तनत के सबसे शक्तिशाली शासकों में से एक महमूद बेगड़ा रोज खाने में जहर लिया करता था। जानकारी के अनुसार उनके खाने का जिक्र इटली और पुर्तगाल के सैलानियों ने भी किया था। पिता के जाने के बाद कम उम्र में गद्दी पर बैठे इस बादशाह के बारे में कई किस्से हैं। कहा जाता है कि उनकी बड़ी मूंछों में उनके भूख का राज था। पुर्तगाली सैलानी उनकी मूंछों के बारे में कहा करते कि वे इतनी लंबी और रेशमी थीं कि वे उसे साफे की तरह अपने सिर पर बांध लिया करते थे। बादशाह बेगड़ा की दाढ़ी कमर तक लेहतरी थी। लंबी दाढ़ी वाले लोगों को बादशाह तवज्जो भी देता था। उसके मंत्रिमंडल में कई लोग ऐसे थे, जिनकी दाढ़ी-मूंछें काफी लंबी-लंबी थीं। 

महमूद बेगड़ा कौन था ?

 

खुराक देखकर दंग रहते थे लोग
ये राजा एक दिन में लगभग 35 किलो व्यंजन खाया करता, जिसमें साढ़े 4 किलो से ज्यादा हिस्सा मिठाई होती। ऐसा कहा जाता है कि सोते हुए भी बादशाह के दोनों ओर खाने की चीजें रखी होतीं ताकि अगर नींद खुलते ही भूख लग आए तो वो कुछ खा सके। इटालियन सैलानी Ludovico di Varthema ने भी अपनी चिट्ठियों में राजा की भारी-भरकम डायट के बारे में बताया है।

शक्तिशाली भी था सुल्तान 
महमूद बेगड़ा को गुजरात सल्तनत के सबसे शक्तिशाली शासकों में शुमार किया जाता है। कम वक्त में ही इस राजा ने जूनागढ़ और पावागढ़ जैसे इलाकों पर कब्जा कर लिया और अपनी सीमाएं बढ़ाता ही चला गया। माना जाता है कि सीमाओं के विस्तार के दौरान ये जीत हासिल करने पर बंदी राजा से इस्लाम कुबूल करने की मांग करता था और इनकार करने पर राजा को मौत दे दी जाती।

गुजरात का वो राजा, जो रोज़ खाने के साथ लिया करता था ज़हर


ये बताया जाता है कारण
राजा को बचपन में राजघराने से ही कुछ लोगों ने मारने की साजिश की और जहर दे दिया। जहर खाकर बेहोश हुए राजा का तुरंत उपचार हुआ और वे बच गए। राजा ने तब से ही रोज थोड़ी-थोड़ी मात्रा में जहर खाना शुरू कर दिया। वक्त के साथ मात्रा बढ़ती गई। राजा का मानना था कि खुद ही जहर खाने पर शरीर जहर के साथ सामंजस्य बिठा लेगा और कोई मारने की साजिश करे तो कामयाब नहीं हो सकेगा। 

sultan mahmud begada of gujarat

 

जहर लेकर जीने के पीछे का विज्ञान
हमूद बेगड़ा जहर खाने वाले अकेले राजा नहीं थे। दुनिया में ऐसे कई राजे-महाराजे रहे हैं। रोज जहर लेकर जहरीला बनाने की इस पूरी प्रक्रिया को मिथ्रिडायटिजम (mithridatism) नाम से जाना जाता है। इसके तहत शरीर में धीरे-धीरे जहर डालकर उसे जहर के लिए इम्यून बनाया जाता है। ये पोंटस और आर्मेनिया के राजा Mithridates VI के डर से उपजा था। राजा के पिता को जहर देकर मारा गया था. इससे राजा इतना डर गया कि वो तरह-तरह की कल्पनाएं करने लगा। भविष्य में उसके साथ ऐसा न हो, इसके लिए वो रोज खुद थोड़ा-थोड़ा जहर खाता ताकि उसकी मौत न हो।