एलेक्जेंड्रिया में मिला रहस्यमयी ताबूत, सिकंदर की खोई कब्र होने का संदेह

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : मिस्र में रहस्यमयी ताबूत मिला है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह ताबूत सिकंदर की खोई कब्र है। उत्तरी मिस्र के तटीय शहर एलेक्ज़ेंड्रिया में एक अपार्टमेंट की खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को काले ग्रेनाइट का एक रहस्यमयी ताबूत मिला है। इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह करीब 2 हजार साल पुराना है। एलेक्ज़ेंड्रिया में मिले अब तक के ताबूतों में यह सबसे बड़ा ताबूत बताया जा रहा है और इसका वजन करीब 30 टन है। 

मिस्र में रहस्यमयी ताबूत, क्या सिकंदर की खोई कब्र से है ताल्लुक?

पुरातत्वविदों की माने तो इस ताबूत का संबंध टॉलोमेइक काल (300-200 ईसा पूर्व) से है। इस काल की शुरुआत सिकंदर के मौत के साथ हुई थी, जिन्होंने एलेक्ज़ेंड्रिया को बसाया था। हैरानी की बात तो यह है कि इस ताबूत के पास एक सफेद पत्थर से बनी मूर्ति भी मिली है। इससे पुरातत्वविदों के बीच यह चर्चा भी है कि यह ताबूत सिकंदर की खोई हुई कब्र तो नहीं है। हालांकि, मिनिस्ट्री ऑफ़ एंटीक्विटीज (मिस्र का पुरातत्व विभाग) ने इसे सिकंदर की कब्र होने से इनकार कर दिया है। 

मिस्र में रहस्यमयी ताबूत, क्या सिकंदर की खोई कब्र से है ताल्लुक?

इस बारे में मुस्तफा वजिरी ने बताया कि हमें ताबूत में तीन लोगों की हड्डियां मिली है। इसे देखकर ऐसा लगता है कि यह किसी बड़े परिवार की ताबूत होगी। तीनों ममी अच्छी स्थिति में नहीं है और केवल इसकी हड्डियां बची हैं। वजिरी ने आगे बताया कि ताबूत के अंदर बगल की बिल्डिंग के सीवेज का पानी भर गया था, जिसे निकाला जा चुका है। अभी भी सिकंदर की खोई हुई कब्र हमारे लिए रहस्य है। गौरतलब है कि इस साल पुरातत्व विभाग ने सिकंदर से जुड़ी कई बड़ी खोज की हैं। इसमें गीजा का 4 हजार 400 साल पुराना मकबरा और दक्षिण कायरो के मिनिया में एक कब्रिस्तान मिला है।

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