पंजाब में भारत बंद का मिला-जुला असर

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद भारत बंद का आज मिला-जुला असर रहा। दोपहर से पहले तो विभिन्न जिलों में बाजार बंद रहे लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता जगह -जगह दुकानदारों से बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील करते और बाजार और दुकानें बंद कराते देखे गए। पंजाब में गुरू ग्रंथ का पहला प्रकाश पर्व होने के कारण सरकारी कार्यालयों तथा सभी स्कूल और कॉलेजों में अवकाश रहा। सड़कों पर बसें दाैड़ती नजर आई। जालंधर ,पटियाला ,लुधियाना , मालवा क्षेत्र ,बठिंडा ,संगरूर ,फाजिल्का ,फगवाडा सहित समूचे राज्य में बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया। कपूरथला जिले में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों का पैट्रोल डीजल तथा गैस की बढ़ती कीमतों तथा मंहगाई के विरोध में बंद का कहीं आंशिक असर दिखा तो कहीं मिलाजुला रहा।

गुरदासपुर जिले में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया। वहां दुकानें, बाजार बंद रहे। दुकानें तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान रोज की तरह खुले रहे। ब्लाक कांग्रेस कमेटी के प्रधान संजीव बुग्गा ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों से दुकानें बंद करने की अपील नहीं की। महिलाओं सहित कांग्रेस कार्यकर्ता श्रीनाथ पैलेस में आज सुबह इकट्टे हुये और कड़ी सुरक्षा के बीच एक रैली का आयोजन किया और आसमान छूती मंहगाई के लिये मोदी सरकार को कोसा।

लुधियाना से प्राप्त जानकारी के अनुसार औद्योगिक नगरी में बंद का मिला जुला असर रहा। कांग्रेसियों ने जगह-जगह धरना प्रदर्शन लगाये। शहर में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने लुधियाना के घंटा घर चौक पर भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। शहर में कई जगह जाम लग गये जिससे यातायात पर असर पड़ा। लुधियाना से कांग्रेसी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने कार्यकर्ताओं को समझा-बुझा कर दमकल विभाग की गाड़ियों को वहां से गुजरने दिया। 

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन को कामयाब बनाने के लिये घोड़ा गाड़ी का इस्तेमाल किया तथा कांग्रेसी महिलाओं ने रिक्शा चलाकर और गोबर की पाथियों से चूल्हा फूँक कर अपना रोष व्यक्त किया। धरना की अगुवाई कर रहे बिट्टू ने मोदी सरकार को आड़े हाथो लेते हुये केंद्र सरकार पर हमला बोला। बिट्टू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अपने वो सारे बयान और वादों को एक बार फिर से सुन लेना चाहिए जो उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव से पहले मीडिया के माध्यम से देश की जनता से किये थे। पूरा देश उनकी सरकार की जन विरोधी नीतियों के चलते परेशान है। रुपया दिन-ब-दिन गिरता चला जा रहा है और पेट्रोल डीज़ल की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं। 
 

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