'मी रक्सम' की कहानी की मानवीय गुणवत्ता वैश्विक दर्शकों से जोड़ती है: शबाना आजमी

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज) : दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी की फिल्म मी रक्सम को कोएलिशन ऑफ साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल्स के शुभारंभ के मौके पर प्रदर्शन के लिए चुना गया है। आजमी का कहना है कि इस फिल्म की कहानी सांस्कृतिक बंटवारे के पार जाकर मानवीय गुणवत्ता को दिखलाती है।

शबाना ने आईएएनएस को बताया, यह हम सभी के लिए एक विशेष समय है क्योंकि यह बहुत ही खास फिल्म समारोह है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका में 7 फिल्म समारोहों का एक गठबंधन है और हमारी फिल्म को सर्वसम्मति से उत्सव की शुरूआती फिल्म के रूप में चुना गया है। यह मेरे लिए, मेरे भाई (छायाकार बाबा आजमी, जिन्होंने इस फिल्म के साथ निर्देशन में कदम रखा है) और मी रक्सम की पूरी टीम के लिए बहुत खुशी की बात है।

उन्होंने आगे कहा, मुझे लगता है कि जब कहानी में विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोग जुड़ते हैं, तो यह कहानी में मानवीयता, दयालुता लाती है। यह फिल्म एक पिता-पुत्री की कहानी है, जिसमें पिता अपनी बेटी को भरतनाटयम नर्तक बनने के लिए लगातार प्रोत्साहित करता है। यह एक सार्वभौमिक तत्व है जो सभी के साथ प्रतिध्वनित होता है।

फिल्म में दानिश हुसैन के साथ अदिति सूबेदार, सुदीप्त सिंह, राकेश चतुवेर्दी ओम, कौस्तुभ शुक्ला, जुहिना अहसन और शिवांगी गौतम हैं। इसमें नसीरुद्दीन शाह की विशेष भूमिका है। फिल्म जी5 पर अगस्त में रिलीज हुई थी।

अमेरिका में 15 दिन चलने वाले फेस्टिवल में विभिन्न विषयों पर बनी फिल्में प्रदर्शित होनी हैं, जैसे प्रवासी, एलजीबीटीक्यूआई कहानियां, दक्षिण एशियाई एनिमेटरों की फिल्में, ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन, नस्लवाद, महिलाओं द्वारा बनाई गई फिल्में और फिल्मों को संबोधित करने वाली फिल्में।

यह फेस्टिवल वर्चुअल तौर पर 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर के बीच चलेगा।