पंजाब में अंगीठी बनी जानलेवा, रात को मां समेत सोए बच्चे सुबह लाश बन गए- पांच की माैत

जालंधर (उत्तम हिन्दू न्यूज)-सर्दी से बचने के लिए घरों में जलाई जाने वाली अंगीठी का धुआं कई बार जानलेवा साबित होता है। आज दो मामलों में पांच लोगों की माैत की खबर है। एक मामला अमृतसर के इलाके लोहगढ़ में हुआ। यहां एक महिला और उसके पुत्र की दम घुटने से माैत हो गई। महिला ने घर को बंद करके अंगीठी जला ऱखी थी। इस कारण अमोनिया गैस के कारण मां-बेटा का दम घुट गया जिससे दोनों की माैत हो गई। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है। उधर, फिरोजपुर के कस्बा मल्लांवाला के गांव हामद में भी अंगीठी के धुएं से दम घुटने का मामला सामने आया है। इस मामले में मां और उसके 2 बच्चों की माैत हो गई।  

लगातार आंच के सामने बैठना सेहत के लिए है खतरनाक.

जानकारी के अनुसार, महिला का पति मलेशिया गया हुआ है। घर में महिला के सास और ससुर थे। महिला राजबीर कौर रोज सुबह उठ कर भैंसों का दूध निकालती थी। सोमवार को जब काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं निकली तो कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर राजबीर कौर, उसके 12 और पांच साल के बेटे साहिलप्रीत और एकमप्रीत के शव पड़े थे। प्राथमिक जांच में मौत का कारण अंगीठी के धुएं से दम घुटना बताया जा रहा है। 

Tag: रुद्रपुर में अंगीठी के धुएं से दम घुटने के कारण 2 लोगों की मौत -  Khabar Pahad

उल्लेखनीय है कि बंद कमरे में लकड़ी या कोयले की अंगीठी को जलाने से ऑक्सीजन का स्तर घटता है। इसके साथ ही कमरे में मोनोऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है, जो सीधे मनुष्य के दिमाग पर असर डालता है। बंद कमरे में अंगीठी को रखा जाता है तो कार्बन मोनोऑक्साइड सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचती है। मोनोऑक्साइड के फेफड़ों तक पहुंचने के बाद ये सीधा खून में मिल जाता है, जिससे हीमोग्लोबिन का लेवल घट जाता है।