कान की गंदगी से जुड़ा है दिल की बीमारी का तार, कल्कि करके जानिए विस्तार से 

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): आज के समय में हृदय रोग की समस्या इतनी आम हो चुकी है की हर परिवार में कोई न कोई सदस्य हृदय रोग से ग्रस्त है। हर साल 17 लाख लोग इससे कारण मौत के मूहं में समा जाते है। इस बीच मुंबई के रहने वाले एक डॉक्टर हिम्मतराव बावस्कर ने एक चौंका देने वाली रिपोर्ट पेश की है। इनके अनुसार 95 फीसदी लोगों के कान में गंदगी भरी होती है यानी कान की बिमारी होती है, वो हृदय रोग से भी पीड़ित होते हैं।

डॉक्टर हिम्मतराव ने 888 ऐसे रोगियों पर शोध किया, जो मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। इस शोध में उन्होंने पाया कि 95 फीसदी यानी 508 रोगियों के कान में गंदगी भरी थी और वो हृदय रोग से भी पीड़ित थे। हालांकि 60 वर्ष की उम्र पार चुके लोगों में कान की गंदगी का होना एक आम बात है और उनमें हृदय रोग का खतरा भी ज्यादा होता है।
 
ह्रदय रोग के क्या लक्षण व संकेत होते हैं?

1. छाती में भारीपन, दबाव, असुविधा या दर्द।
 
2. ऊपरी शरीर में बार-बार दर्द होना जैसे कि हाथों, जबड़े, गर्दन, पीठ या पेट के ऊपरी भाग में। 

3. थकान और कमजोरी।

4. सांस फूलना।

5. धड़कन में तेजी से वृद्धि (या अनियमित धड़कन)।

6. चक्कर आना, पसीना आना और मतली।
 
हृदय रोग के कारण 
हृदय रोग के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, ध्रूमपान, शराब पीना, तनाव, आनुवांशिकता, मोटापा और उच्च रक्तचाप शामिल है।  

  
ह्रदय रोग होने से कैसे रोका जा सकता है?

कुछ प्रकार के हृदय रोगों को रोका नहीं जा सकता। हालांकि, आप कई अन्य प्रकार की हृदय रोगों को जीवन शैली में परिवर्तन से रोक सकते हैं जिससे आपके हृदय रोग में सुधार हो सकता है, जैसे -

1. धूम्रपान छोड़ें।  

2. अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को नियंत्रित करें, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और शुगर।

3. सप्ताह के अधिकांश दिनों में कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करें।

4.व्यायाम न पसंद हो तो योग और ध्यान कर सकते हैं।

5. ऐसा आहार लें जिसमें नमक और फैट कम हो।

6. स्वस्थ वजन बनाए रखें। अपने कद और उम्र के हिसाब से सही वजन जानने के लिए इस मुफ्त बीएमआई कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें।  

7. तनाव कम करें और उसका प्रबंधन करें।

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