समृद्ध संस्कृति व प्राकृतिक सौंदर्य देव भूमि की विशिष्ट पहचान: राज्यपाल

शिमला (जेमी शर्मा): राज्य में 72वां हिमाचल दिवस उल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह के अवसर पर राष्ट्र ध्वज फहराया और आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली। पुलिस उप अधीक्षक शक्ति सिंह ने परेड का नेतृत्व किया और पुलिस, होमगार्ड, भारत स्काउट एंड गाइड तथा एनसीसी के कैडे्स ने मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।  

राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह सुन्दर पहाड़ी प्रदेश आज ही के दिन 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय के साथ अस्तित्व में आया था। राज्य की समृद्ध संस्कृति, उच्च परम्पराएं और असीम प्राकृतिक सौंदर्य, देव भूमि की विशिष्ट पहचान है। राज्य की वास्तविक शक्ति यहां के ईमानदार, कर्मठ और विकासशील लोग हैं तथा यहां शांतिपूर्ण वातावरण व सामाजिक सौहार्द कायम है, जो इसे अन्यों से अलग पहचान देता है।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि 15 अप्रैल, 1948 को अस्तित्व में आने के बाद इस छोटे से पहाड़ी प्रदेश ने तेज़ी से विकास का सफर तय किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, दुर्गम क्षेत्र और अन्य जटिलताएं भी यहां के मेहनतकश लोगों के हौंसले व साहस को कम नहीं कर पाई। यहां के ईमानदार और विकासशील लोगों ने प्रदेश को उन ऊंचाइयों तक पहुंचाया, जो अन्यों के लिए एक उदाहरण है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस छोटे से पहाड़ी प्रदेश ने बहुत कम संसाधनों के साथ विकास का यह सफल शुरू किया था और आज हिमाचल प्रदेश देश भर में पहाड़ी विकास का अग्रदूत एवं आदर्श राज्य माना जाता है। इसका श्रेय यहां के मेहनतकश व ईमानदार लोगों को जाता है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, निष्ठा व लगन से प्रदेश को विकास के इस आयाम तक पहुंचाया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रदेशवासी भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर रखने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की सम्पत्ति हैं अत: जागरूक युवा ही देश को सशक्त कर विकास के पथ पर अग्रसर कर सकते हैं। युवाओं को सार्थक ढंग से राष्ट्र की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि देश के अनेक युवा नशे की गिरफ्त में हैं, जो देश के भविष्य के लिए घातक संकेत है।