मुख्य सचिव ने की पंजाब विधानसभा की कार्यवाही को पेपर रहित करने संबंधी प्रगति की समीक्षा

-मॉनसून सत्र की कार्यवाही को डिजिटल रूप में करवाने के फैसले सम्बन्धी भारत सरकार के अधिकारियों को करवाया अवगत

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने आज ‘डिजिटल भारत’ के अंतर्गत पंजाब विधान सभा की कार्यवाही को पेपर रहित करने के लिए केंद्रीय संसदीय मामलों के सचिव डा. राजिन्दर एस. शुक्ला और संयुक्त सचिव डा. सत्य प्रकाश के साथ एक समीक्षा मीटिंग की। 

केंद्रीय संसदीय मामलों के सचिव के अनुसार पंजाब नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन शुरू करने वाले पहले राज्यों में से एक होगा। इसमें विधान सभा का कम्प्यूटरीकरण शामिल है जिससे इलेक्ट्रानिक ढंग से विधायकों को जानकारी/डाटा देना और राज्य के विभागों के साथ तालमेल यकीनी बनाया जा सके। इस प्रोजैक्ट के अंतर्गत सदन में हरेक मैंबर के पास एक मल्टीपर्पज़ टचस्क्रीन पैनल होगा जो उनको विधान सभा से सम्बन्धित सारी जानकारी तक पहुँच बनाने के योग्य बनाऐगा जिसमें सवाल, जवाब, बजट, भाषण आदि शामिल होंगे और इससे वह एक ई-वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेे सकेंगे। यह प्रोजैक्ट वीडियो कॉफ्रेसिंग की सुविधा देगा और जानकारी को सार्वजनिक पोर्टलों के द्वारा आम नागरिकों तक पहुँचाने के समर्थ बनाऐगा। इससे नागरिकों की शिकायतों के निपटारे के लिए उनके और उनके जन प्रतिनिधियों के दरमियान ई-इंटरैकशन और बेहतर अदान -प्रदान होगा। कुल 12.31 करोड़ रुपए की लागत से ई-फैसीलीटेशन के लिए नेशनल ई-विधान सेवा केंद्र (एनएसके) स्थापित करने के बारे भी विचार किया जा रहा है।

महाजन ने बताया कि पंजाब सरकार ने विधान सभा के मानसून सत्र की कार्यवाही को डिजिटल करने का फैसला लिया है और सत्र की सारी कार्यवाही डिजिटल की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस मकसद के लिए 122 टचस्क्रीन टेबलेट्स, 40 कंप्यूटर और अन्य सामान अपेक्षित है। उन्होंने आगे कहा कि अभी कुछ और जरूरी मंजूरियां लेनी भी बाकी हैं और मौजूदा स्टाफ के सामथ्र्य का पता लगाया जा रहा है और जरुरी पेशेवर स्टाफ को तैनात किया जा रहा है। 

काबिलेगौर है कि नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन के अंतर्गत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रांतों की विधान सभाओं को डिजीटाईज़ और पेपर रहित किया जा रहा है। ‘नेवा’ प्रोजैक्ट (नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन) का एप और वैबसाईट भी जारी किये जाएंगे। इस मकसद के लिए कुल 739 करोड़ रुपए के फंड रखे गए हैं। मीटिंग में अन्यों के अलावा प्रशासनिक सुधार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी और प्रमुख सचिव संसदीय मामले आलोक शेखर और पंजाब विधान सभा की सचिव शशि लखनपाल मिश्रा उपस्थित थे।