दुल्हन साढ़े 15 वर्ष की दुल्हा साढ़े 31 साल का, बालिका वधु बनने से बची

जींद (सन्नी मग्गू): जिले के उझाना गांव में बाल विवाह का एक मामला सामने आया। बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की सतर्कता से नाबालिग शादी को रूकवा दिया गया। शिकायत मिलने पर जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता शर्मा के निर्देश में सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शादी के बंधन में बधंने जा रहे जोडे की उम्र संबंधित प्रमाण पत्र जांचे तो दुल्हन की आयु साढे 15 वर्ष मिली व दुल्हे की आयु साढे 31 वर्ष मिली जिसके बाद दोंनों परिजनों ने शादी को स्थगित कर दिया।

महिला हैल्पलाइन से सूचना मिली थी कि जिले के उझानागांव में एक नाबालिग लडक़ी की शादी गुप्त तरीके से हो रही है और लडक़ी की बारात भूना जिला फतेहाबादसे आ चुकी है जिसमें लडक़ी नाबालिग है। इस पर कार्यवाही करते हुए रवि लोहान, एसआई बिजेन्द्र सिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश, एसपीओ सतीश कुमारगढी थाना पुलिस के साथ तुरंत मौके पर हो रहे विवाह स्थल पर पहुंचे। इस पर लडक़ी के परिवार वालों से लडक़ी के जन्म से संबधित कागजात मांगे तो परिजनों ने जो सबूत दिखाए उसमें लडक़ी की उम्र मात्र साढे 15 वर्ष मिली और उसने इसी वर्ष दसवीं कक्षा अच्छे नम्बरों से उतीर्ण की थी। इसके बाद टीम ने शादी करने आए लडक़े  के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो लडक़ी से शादी करने आए दूल्हे की उम्र 31 वर्ष से भी अधिक मिली और वह मात्र छठी कक्षा पास था। इस पर परिजनों ने बताया किलडकी का पिता शराबी है और मां की मौत हो चुकी है इसलिए बिना उम्र देखे ही यह शादी तय कर दी थी। इस पर परिजनों को समझाया गया कि लडक़ी अभी नाबालिग है और वह पढने में होशियार है उसकी आगे की पढाई सुचारू रूप से शुरू करवाई जाए।

इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए। इसके बावजूद भी अगर आप नाबालिग लडक़ी की शादी करते हैं तो आप सभी के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस पर दोनों परिवार सहमत हो गये तथा शादी को स्थगित कर दिया गया और दोनों परिवारों द्वारा महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को लिखित ब्यान दिये कि वह कानून की पालना करेंगे तथा लडक़ी के बालिग होने पर ही उनकी शादी करेंगें। इसके बाद भूना से आई बारात बिना दुल्हन के ही वापिस लौट गई।