जन्माष्टमी पर सूने रहे प्रदेशभर के मंदिर

10:51 AM Aug 13, 2020 |

ऊना (ममता भनोट): श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर प्रदेश भर के धार्मिक स्थल वीरान दिखाई दिए। कोरोना वायरस के साए के चलते ऊना के किसी भी धार्मिक स्थल पर श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व नहीं मनाया जा सका। जिला का एकमात्र श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां, जहां हर जन्माष्टमी पर करीब सप्ताह भर कार्यक्रम चलता था और हजारों श्रद्धालु भगवान कृष्ण की लीलाओं का मंचन देखने के लिए उमड़ते थे। इस बार कोविड-19 के चलते मंदिर के कपाट बंद पड़े हैं। वहीं जिला मुख्यालय के गीता भवन मन्दिर और कोटला कलां के ही महादेव मंदिर में भी इस बार वीरानी छाई है।

बता देें कि कोविड-19 के चलते करीब 5 माह से तमाम मंदिरों के कपाटों पर ताले लटक रहे हैं। इन्हीं तालों के साए में जन्माष्टमी का पर्व भी बिना किसी रौनक के बीत गया है। भगवान कृष्ण को समर्पित जिला का एकमात्र प्रमुख धार्मिक स्थल श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां इस बार जन्माष्टमी पर पूरी तरह सुनसान रहा। गौरतलब है कि राधा कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व करीब सप्ताह भर चलता है। जिसमें श्रीमद् भागवत कथा के भव्य आयोजन के साथ उत्तर प्रदेश के मथुरा से आने वाले कलाकार नटखट कान्हा की तमाम लीलाओं का भी मंचन करते हैं।

वहीं इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता भी दर्ज होती थी। लेकिन इस बार कोविड-19 के चलते मंदिर के कपाट अभी तक बंद चल रहे हैं। जिला मुख्यालय के गीता भवन मंदिर और कोटला कलां के प्राचीन महादेव मंदिर में भी इस प्रमुख पर्व पर सन्नाटा पसरा रहा। तमाम मंदिरों में पुजारी वर्ग द्वारा ही भगवान कृष्ण की साधारण तरीके से विधिवत पूजा अर्चना की गई। जबकि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर पूर्णतया बंद रहे। वहीं इस बार की जन्माष्टमी श्रद्धालुओं ने अपने घरों में बच्चों को राधा और कृष्ण के रूप देकर मनाई।