शाहीन बाग को लेकर फिर विफल रही वार्ता, प्रदर्शनकारियों बोले- खाली नहीं करेंगे रास्ता  

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ वकील साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े आज करीब 2 घंटे की बातचीत के बाद भी शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को मना न सकी। प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों के सामने एलान किया कि वह रास्ता खाली नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस दिन केंद्र सरकार नागरिकता कानून हटाने का एलान कर देगी, हम उस दिन रास्ता खाली कर देंगे।

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इस दौरान रामचंद्रन ने कहा- हम चाहते हैं कि शाहीन बाग आंदोलन भी जारी रहे और रास्ता भी खोल दिया जाए। ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान नहीं निकल सकता। अगर बात नहीं बन पाई तो मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएगा। आम रास्ता बंद होने से आसपास के दुकानदारों और रहवासियों को परेशानी हो रही है। वहीं, संजय हेगड़े ने कहा- सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा रखिए। कोर्ट आपकी बात को अनसुना नहीं करेगा। आपकी हर समस्या का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि शाहीन बाग प्रदर्शन पूरे देश के लिए एक मिसाल बने। बता दें, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शनकारी ओखला के शाहीन बाग में पिछले 68 दिन (15 दिसंबर) से डटे हुए हैं।

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार अगर शाहीन बाग में गतिरोध तोडऩे में सफल होते हैं तो यह दिल्ली वालों के लिए बहुत बड़ी राहत की बात होगी। किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान कोई मुख्य सड़क कुछ घंटों के लिए भी जाम कर दी जाती है तो आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शाहीन बाग में तो सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने कालिंदी कुंज मुख्य मार्ग को 15 दिसंबर से ही बंद कर रखा है।