वाराणसी के NGO से बात करते हुए बोले PM मोदी- भारत अमेरिका से दोगुनी आबादी का भरण-पोषण कर रहा, वो भी बिना पैसे लिए 

नई दिल्ली (उत्मत हिन्दू न्यूज) : कोरोना लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद और सेवा करने वाले वाराणसी के एनजीओ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संवाद किया। उन्‍होंने सबसे पहले यही बोला- हर-हर महादेव !! काशी के पुण्य धरती के आप सब पुण्यात्मा लोगन के प्रणाम हौ।इसके बाद पीएम मोदी ऐसे लोगों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों से वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के जरिये बात कर रहे हैं जो कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए आगे आए। इस दौरान लोग अपने-अपने अनुभव साझा किया। पीएम इससे पहले भी अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि 'इस अभूतपूर्व संकट के समय में और मेरी काशी, हमारी काशी ने, इस अभूतपूर्व संकट का जटकर मुकाबला किया है। आज का ये कार्यक्रम भी तो इसी की एक कड़ी ही है।'

PM Modi Varanasi Live: पीएम मोदी ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ और माँ अन्नपूर्णा दोनों  विराजते हैं

उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है कि जब जिला प्रशासन के पास भोजन बांटने के लिए अपनी गाड़ियां कम पड़ गईं तो डाक विभाग ने खाली पड़ी अपनी पोस्टल वैन इस काम में लगा दीं। सोचिए, सरकारों की, प्रशासन की छवि तो यही रही है कि पहले हर काम को मना किया जाता है। सावन का महीना चल रहा है, ऐसे में बाबा के चरणों में आने का मन हर किसी का करता है, लेकिन जब बाबा की नगरी के लोगों से रूबरू होने का मौका मिला है तो ऐसा लगता है कि आज मेरे लिए एक दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि ये भगवान शंकर का ही आशीर्वाद है कि कोरोना के इस संकट काल में भी हमारी काशी उम्मीद से भरी हुई है, उत्साह से भरी हुई है। ये सही है कि लोग बाबा विश्वनाथ धाम नहीं जा पा रहे? ये सही है कि मानस मंदिर, दुर्गाकुंड, संकटमोचन में सावन का मेला नहीं लग पा रहा है। इस अभूतपूर्व संकट के समय में और मेरी काशी, हमारी काशी ने, इस अभूतपूर्व संकट का डटकर मुकाबला किया है। आज का ये कार्यक्रम भी तो इसी की एक कड़ी ही है। उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए कौन क्या कदम उठा रहा है, अस्पतालों की स्थिति क्या है, कहां क्या व्यवस्थाएं की जा रही हैं, क्वारंटीन को लेकर क्या हो रहा है, बाहर से आए श्रमिक साथियों के लिए क्या प्रबंध हो रहे हैं। ये सारी जानकारियां मुझे मिल रही थीं। 

उन्होंने कहा कि हमारी काशी में बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा दोनों विराजते हैं। पुरानी मान्यता है कि एक समय महादेव ने खुद मां अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी। तभी से काशी पर ये विशेष आशीर्वाद रहा है कि यहां कोई भूखा नहीं सोएगा। मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ, सबके खाने का इंतजाम कर देंगे। आप सभी के लिए, तमाम संगठनों के लिए और हम सभी के लिए ये बहुत सौभाग्य की बात है कि इस बार गरीबों की सेवा का माध्यम भगवान ने हमें बनाया। एक तरह से आप सभी मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ के दूत बनकर हर ज़रूरतमंद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में फूड हेल्पलाइन और कम्यूनिटी किचन का व्यापक नेटवर्क तैयार करना, हेल्पलाइन विकसित करना, डेटा साइंस की मदद लेना, वाराणसी स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का भरपूर इस्तेमाल करना, यानि हर स्तर पर सभी ने गरीबों की मदद के लिए पूरी क्षमता से काम किया है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट के समय हमने देखा है कि आगे बढ़कर एक दूसरे की मदद की है। इसी एकजुटता, इसी सामयिकता ने हमारी काशी को और भव्य बना दिया है। हजारों लोगों ने काशी के गौरव को बढ़ाया है। सैकड़ों संस्थाओं ने अपने आप को खपा दिया है। सबसे मैं बात नहीं कर पाया हूं, लेकिन मैं हर किसी के काम को आज नमन करता हूं। सेवाभाव से जुड़े हुए हर व्यक्ति को मैं प्रणाम करता हूं। आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब आपसे केवल जानकारी नहीं ले रहा हूं, बल्कि आप सबसे प्रेरणा ले रहा हूं। अधिक काम करने के लिए, आप जैसे लोगों ने इस संकट में काम किया, इनके आशीर्वाद ले रहा हूं।

narendra modi

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसका बहुत बड़ा लाभ बनारस के भी गरीबों को, श्रमिकों को हो रहा है। आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत, अमेरिका से भी दोगुनी आबादी से एक पैसा लिए बिना उनका भरण-पोषण कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो इस योजना को नवंबर अंत तक, यानी दीपावली और छठ पूजा तक बढ़ा दिया गया है। हमारी कोशिश यही है कि किसी गरीब को त्योहारों के समय में खाने-पीने की कमी ना हो। 

उन्होंने कहा कि जब इस बार महामारी आई, तो सभी भारत को लेकर डरे हुए थे। इसमें भी 23-24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को लेकर तो शंकाएं और भी ज्यादा थीं, लेकिन आपके सहयोग ने, उत्तर प्रदेश के लोगों के परिश्रम ने, पराक्रम ने सारी आशंकों को ध्वस्त कर दिया। आज स्थिति ये है कि उत्तर प्रदेश ने न सिर्फ संक्रमण की गति को काबू में किया है बल्कि जिन्हें कोरोना हुआ है, वो भी तेजी से ठीक हो रहे हैं।कबीरदास जी ने कहा है-'सेवक फल मांगे नहीं, सेब करे दिन रात'अर्थात - सेवा करने वाला सेवा का फल नहीं मांगता, दिन रात निःस्वार्थ भाव से सेवा करता है। दूसरों की निस्वार्थ सेवा के हमारे यही संस्कार हैं, जो इस मुश्किल समय में काम आ रहें हैं।