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नेताजी के आदर्शों व बलिदान से प्रेरणा लें युवा : खट्टर

चंडीगढ़/ चन्द्र शेखर धरणी, अग्निहोत्री: देशभर में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में नेताजी
चंडीगढ़/ चन्द्र शेखर धरणी, अग्निहोत्री: देशभर में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में नेताजी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे नेताजी के आदर्शों और बलिदान से प्रेरणा लेते हुए देश की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि आज का अवसर हमें हमारे देश के आजादी के समय को याद करने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है, जब नेताजी और कई अन्य शहीदों ने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, अंबाला से सांसद रतन लाल कटारिया और पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अन्य गणमान्य राजनीतिक व्यक्तियों के साथ सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस पार्क में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। उल्लेखनीय है कि ‘पराक्रम दिवस’ के जश्न के साथ ही गणतंत्र दिवस समारोह का भी आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक अद्वितीय नेता थे, जिन्होंने आजाद हिंद फौज का नेतृत्व करके न केवल भारत की धरती पर बल्कि पूरे विश्व में आजादी की मशाल जलाई थी। भारत माता के लिए अपने अद्वितीय संघर्ष के लिए नेताजी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के उस महान युग में, जब देश ब्रिटिश शासन के चंगुल से मुक्त होने के लिए संघर्ष कर रहा था, नेताजी ने अपनी आज़ाद हिंद फौज के 50,000 बहादुर जवानों के साथ विदेशी शासन की नींव हिला कर रख दी थी और अंग्रेजों को भारत छोडऩा पड़ा था। नेताजी का भाषण जो उस समय रेडियो पर प्रसारित होता था, विशेष रूप से वह नारा ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ ने निश्चित रूप से युवाओं में देशभक्ति व अदम्य साहस पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उहोंने कहा कि अपने पिता की इच्छा के अनुसार केवल 23 साल की उम्र में सबसे कठिन परीक्षा भारतीय सिविल सेवा (आईसीएस) पास करने के बावजूद नेताजी ने नौकरी न करके देश की सेवा करने के अपने जुनून को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में पूरा देश अमृत महोत्सव मना रहा है, इसी कड़ी में राज्य में जनभागीदारी के साथ ‘हरियाणा बोलेगा जय हिंद बोस’ के नारे के साथ करीब 495 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और 1500 ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य है। नेताजी की 50,000 आज़ाद हिंद फौज में भी राज्य के युवाओं ने बड़ी संख्या में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। इससे पूर्व ज्ञान चंद गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन बहुत अहम है, क्योंकि देश में पहले से ही आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है और आज हम नेताजी के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि आज उनके लिए गर्व का क्षण है कि उनके दादा कैप्टन उमराव सिंह ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी थी। यह हमारा परम कर्तव्य है कि हम नेताजी द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान हेतु उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।
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