बारिश में 'आंखों' का रखें खास ख्याल

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): मानसून में बारिश बच्चों व युवाओं के चेहरे पर खुशी ही नहीं, वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण की आशंकाएं भी साथ लाती है। इस तरह मानसून हमारे शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्से 'आंखों' में कुछ हानिकारक समस्याएं भी पैदा करता है। इंडस हेल्थ प्लस की प्रिवेंटिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट कंचन नायकवाडी ने मानसून के दौरान आंखों की देखभाल के लिए कुछ प्रमुख और आसान सुझाव दिए हैं, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

- स्वच्छ रहें : हमेशा अपनी आंखों के नजदीक आने वाले कपड़ों और अपने हाथों को साफ रखें। अपने निजी सामान जैसे तौलिए, चश्मा, कॉन्टेक्ट लेंस इत्यादि किसी के साथ साझा न करें। जब भी आप अपने घर से बाहर जाते हैं, तो धूप का चश्मा या चश्मा पहनें। वे बाहरी तत्वों को हमारी आंखों में प्रवेश करने से रोकते हैं।

- अपनी आंखों का बहुत सावधानी से इलाज करें : रोजाना ठंडे पानी से अपनी आंखें धोएं। जागने या कॉन्टेक्ट लेंस को हटाने के बाद अपनी आंखों को जोर से न रगड़ें, क्योंकि यह कॉर्निया को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।

- मानसून के दौरान कॉन्टेक्ट लेंस न पहनें, क्योंकि वे आंखों में अत्यधिक सूखेपन का कारण बन सकते हैं, जिससे आंखें लाल हो सकती हैं और उनमें जलन हो सकती है। अपने चश्मे को साफ और सूखा रखें।

- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें, क्योंकि उनमें बहुत सारे वायरस, बैक्टीरिया और फंगस होते हैं जो आसानी से संक्रमित हो सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं।

- किसी भी संक्रमण से लड़ने के लिए अपने शरीर को स्वस्थ और प्रतिरक्षा प्रणाली को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संतुलित और स्वस्थ आहार लें।

- आम तौर पर बारिश के मौसम के दौरान होने वाले संक्रमण न केवल डराने वाले, बल्कि बहुत हानिकारक भी होते हैं। हमारी आंखों में होने वाले सबसे आम संक्रमण हैं 'कंजक्टिवाइटिस' या आमतौर पर आई फ्लू, स्टाई और कॉर्नियल अल्सर।