सुशांत केस: रिया की याचिका के विरोध में  SC पहुंची बिहार सरकार, दाखिल किया कैविएट

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अब बिहार की नीतीश सरकार खुल कर सामने आ गई है। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती की याचिका को लेकर अब बिहार सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर दी है। रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार द्वारा बिहार में दर्ज कराई गई एफआईआर को मुंबई में ट्रांसफर कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बिहार सरकार ने इस आवेदन में न्यायालय से अनुरोध किया है कि रिया चक्रवर्ती की याचिका पर कोई भी आदेश देने से पहले उसका पक्ष भी सुना जाए। बिहार सरकार ने अपने वकील केशव मोहन के माध्यम से कैविएट दायर की है। 

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)

गौरतलब है कि सुसाइड केस में आरोपों से घिरी सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने सुशांत के परिवार पर संगीन आरोप लगाए हैं। केस पटना से मुंबई ट्रांसफर करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में रिया ने ये आरोप लगाए हैं। रिया का आरोप है कि पटना में एफआईआर दर्ज कराने में सुशांत के बहनोई एडीजी ओपी सिंह ने दबाव बनाया।

रिया चक्रवर्ती का ये भी आरोप है कि सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी को ओपी सिंह और मीतू ने रिया पर सवाल उठाने को कहा था। रिया के मुताबिक, सिद्धार्थ ने मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। सिद्धार्थ ने मुंबई पुलिस को ईमेल भेजा था कि 22 जुलाई को ओपी सिंह और सुशांत की बहन मीतू ने उन्हें फोन करके रिया और उसके ऊपर सुशांत की तरफ से किए गए खर्च को लेकर सवाल उठाने को कहा था।

सुशांत सिंह राजपूत मामले पर बिहार सरकार का कदम, रिया चक्रवर्ती की याचिका को लेकर SC में दायर की कैविएट

बताते चलें कि सुशांत सिंह राजपूत बीते 14 जून को अपने घर में मृत पाए गए थे। इस मामले को लेकर अब तक 40 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। मामले को लेकर पुलिस हर एंगल से जांच करने में लगी है। फैंस के साथ-साथ मायावती, तेजस्वी यादव, रूपा गांगुली और कई नेताओं ने सुशांत के निधन को लेकर सीबीआई जांच करवाने की मांग की। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कहा कि पुलिस को अपना काम करने दें। तेजस्वी यादव ने सुशांत के परिवार द्वारा एफआईआर दर्ज करवाने की बात पर कहा, "हम पटना में एफआईआर दर्ज कराने के कदम का सम्मान करते हैं, लेकिन हमें बिहार पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है। जो अपनी अयोग्यता के लिए जानी जाती है और आसान मामलों को सुलझाने के लिए संघर्ष करती है।"