Sunday, November 18, 2018 09:50 PM

किसानों से ब्याज के साथ मुआवजा मांगना गैरकानूनी : सुरजेवाला

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): कांग्रेस नेता और कैथल से विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार के दादूपुर नलवी नहर परियोजना के तहत ली गई जमीन परियोजना रद्द होने के बाद लौटाने पर मुआवजा ब्याज समेत लौटाने के निर्देश को अवैध और तुगलकी फरमान करार दिया है। सुरजेवाला ने आज यहां कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के सिंगूर की जमीन लौटाने पर व्यवस्था दी थी कि उन्हें मुआवजा लौटाने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें दस साल अपनी जमीन से वंचित रखा गया था।

उन्होंने कहा कि यही बात दादूपुर नलवी नहर परियोजना पर भी लागू होती है। सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने निर्देश दिया है कि जमीन मालिक या उनके कानूनी वारिसों को प्राप्त मुआवजे की रकम ब्याज (मुआवजा मिलने की तारीख से लौटाने की तारीख तक) जमा करानी होगी और उसके बाद उन्हें जमीन का कब्जा दिया जायेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय के सिंगूर मामले में दिये आदेश का उल्लंघन है और कानून के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मनोहर लाल खट्टर सरकार के निर्णय के अनुसार किसानों को लौटाई गई जमीन को कृषि योग्य बनाने के लिए इस दौरान सरकार की तरफ से निर्मित नहर, सडक़ों और अन्य ढांचागत निर्माणों को हटाने में 40 लाख रुपये प्रति एकड़ खर्च करने होंगे। इस तरह यह किसानों पर दोहरी मार है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा मामले को लटकाये रखना और किसानों को परेशान करना है। सुरजेवाला ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस किसानों के साथ है और यदि वह अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहेंगे तो पार्टी उन्हें हर संभव कानूनी सहायता देगी। उन्होंने कहा कि नहर परियोजना बंद करने से अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों के 225 जिलों के किसानों को सिंचाई सुविधा नहीं मिल पायेगी। सुरजेवाला ने कहा कि अलावा इसके, परियोजना में अब तक जो निवेश किया गया, जो जनता की पसीने की कमाई से ही किया गया था वह सब पानी में गया। उन्होंने कहा कि सरकार जमीन अधिग्रहण के लिए 200 करोड़ नहरों के निर्माण के लिए 111़ 17 करोड़ और सडक़ निर्माण पर 100 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।
 

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