सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- जांच के दौरान आरोपी की अचल संपत्ति कुर्क नहीं कर सकती पुलिस  

02:04 PM Sep 24, 2019 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय के उस फैसले पर मुहर लगा दी जिसमें उसने कहा था कि आपराधिक मामलों में जांच के दौरान पुलिस किसी भी आरोपी की अचल सम्पत्तियों को कुर्क नहीं कर सकती। न्यायालय ने, हालांकि चल संपत्ति को जब्त करने पर कोई रोक नहीं लगाई है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि दंड विधान संहिता (सीआरपीसी) की धारा 102 में अवैध सम्पत्तियों को जब्त और कुर्क करने का पुलिस का अधिकार शामिल नहीं है। न्यायमूर्ति खन्ना ने पीठ के लिए सहमति का फैसला सुनाया, लेकिन न्यायमूर्ति गुप्ता ने अपना फैसला अलग से लिखा है। महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय के उक्त फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।


इससे पहले, बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि पुलिस को जांच के दौरान सम्पत्ति जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने अदालत के उक्त फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि था कि सुप्रीम कोर्ट के तपस नियोगी में फैसले के अनुसार, पुलिस बैंक खातों को फ्रीज कर सकती है। उसी तरह अपराध करने वालों की संपत्ति जब्त करने का पुलिस को अधिकार होना चाहिए, लेकिन सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इन दलीलों को खारिज कर दिया।