चीनी मिलों को रियायती दर पर मिलेगा कर्ज, करना होगा बकाये का भुगतान

लखनऊ (उत्तम हिन्दू न्यूज) : गन्ना किसानों काे 30 नवम्बर तक बकाये का भुगतान करने की हिदायत देते हुये उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को इसके लिये चीनी मिलों के लिये चार हजार करोड रूपये का रियायती दरों पर कर्ज देने का निर्णय लिया बल्कि साढे चार रूपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी की भी घोषणा की। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक गन्ना पेराई के नये सत्र की घोषणा करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चीनी मिले यदि गन्ना बकाये का 30 फीसदी भुगतान किसानों को करेगी तो यह कर्ज बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं के जरिये मिलों को दिया जायेगा जिसका भुगतान उन्हें पांच साल में पांच प्रतिशत की ब्याज दर पर करना होगा।
 
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। बाद में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि चीनी मिले अगर कर्ज अदायगी में विफल रहती है तो उन्हें 12 फीसदी ब्याज के साथ वित्तीय संस्था को भुगतान करना होगा लेकिन किसान को उसका पैसा संबंधित बैंक अथवा वित्तीय संस्थान के जरिये सीधे उनके खाते में भेजा जायेगा। उन्होने कहा “ किसी भी दशा में किसानों का बकाया 30 नवम्बर तक पूरा करना अनिवार्य होगा। ”

इस बीच सरकार ने चीनी मिलों को साढे चार रूपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी देने का फैसला लिया जो किसानों को सीधे दी जायेगी। सरकार ने इसके लिये 500 करोड रूपये मंजूर किये हैं। योगी ने कहा कि वर्ष 2017-18 के पेराई सत्र में कुल गन्ना बकाया 9770 करोड रूपये है जिसमे निजी चीनी मिलों को 8500 करोड रूपयों का भुगतान करना है जबकि सहकारी एवं महासंघो की मिलों को 887 करोड रूपये देने हैं। इस सत्र के दौरान 35 हजार 858 करोड रूपये की लागत वाले 1111़ 90 टन गन्ने की पेराई की गयी। इसके एवज में गन्ना उत्पादकों को 25 हजार 888 करोड रूपये का भुगतान किया गया। 

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